बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का आगाज, अलवर में न्यायिक अधिकारियों ने ली शपथ
अलवर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर ने 27 नवंबर को "बाल विवाह मुक्त भारत" अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स ने बाल विवाह उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए शपथ ली। अभियान का शुभारंभ प्राधिकरण के सचिव मोहनलाल सोनी ने किया।
विशेष अभियान और जागरूकता शिविर:
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार, बाल विवाह रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे बाल विवाह की सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 और 2007 के प्रावधानों के तहत प्रभावित गांवों और परिवारों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
जनसहयोग से होगा बाल विवाह का उन्मूलन:
अभियान में स्काउट-गाइड, स्वयंसेवी संगठन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला समूह, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और महिला सुरक्षा सखी के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। बाल विवाह निषेध अधिकारी (उपखंड मजिस्ट्रेट और तहसीलदार) को सूचना मिलने पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नालसा हेल्पलाइन का प्रचार:
अभियान के तहत नालसा की हेल्पलाइन नंबर 15100 और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन (8306002102) का व्यापक प्रचार किया जा रहा है। यह पहल बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर सभी न्यायिक अधिकारियों और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। यह पहल राजस्थान को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विशेष आलेख
दर्शनीय स्थल
E-Magazine
राजस्थान
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
बिज़नेस
खेल
मनोरंजन
प्रेस विज्ञप्ति