Jaipur News : जयपुर शहर को सिग्नल फ्री करके जाम मुक्त बनाने के लिए जेडीए द्वारा बड़ा प्लान बनाया है। शहर में बिना ब्रेक लगे वाहन चलते रहे, इसके लिए जेडीए द्वारा तीन अंडरपास बनाने का निर्णय लिया है। इन तीनों अंडरपास बनने के बाद शहर सिग्नल फ्री हो जाएगा और वाहनों की लगने वाली लंबी कतार से राहत मिलेगी। जेडीए द्वारा अजमेर रोड स्थित पुरानी चुंगी पर अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है। जल्द ही राजमहल पैलेस चौराहे और गोपालपुरा पुलिया पर अंडरपास बनाने का काम किया जाएगा। इन दोनों अंडरपास पर दो से तीन माह का समय लग सकता है।
जेडीए यहां पर बनाएगा तीन अंडरपास
अजमेर रोड : जेडीए द्वारा पुरानी चुंगी ट्रैफिक लाइट पर अंडरपास बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए जेडीए द्वारा 16.39 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। 330 मीटर लंबे अंडरपास का काम जून तक पूरा होने की संभावना है। फिलहाल इस अंडरपास पर अलाइनमेंट को लेकर विवाद है। इस अंडरपास के बनने के बाद डीसीएम से सोडाला की और जाने वाले वाहन जाम में नहीं फंसेंगे और इसके निर्माण के बाद सिग्नल पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
गोपालपुरा पुलिया : जेडीए द्वारा दूसरा अंडरपास टाक रोड पर बनाया जाएगा। इसके लिए जेडीए ने 47.87 करोड़ रूपए का बजट बनाया है। इसका निर्माण अगले तीन माह में शुरू होने की संभावना है। इस अंडरपास के निर्माण के बाद गुर्जर की बड़ी से जेएलएन मार्ग तक करीब पांच किमी का सफर बिना रुके पूरा हो सकेगा।
राजमहल सर्कल : जेडीए ने तीसरा अंडरपास राजमहल सर्कल पर बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए जेडीए द्वारा 42 करोड़ रुपये का बजट बनाया है। 400 मीटर बनने वाले इस अंडरपास का अगले डेढ़ दो माह में काम शुरू होने की संभावना है। इससे चौमूं हाउस सर्कल से 22 गोदाम पुलिया के बीच आवाजाही सुगम होगी। जेडीए यहां सर्कल विकसित कर बिना रुके वाहनों को निकालेगा।
यहां अंडरपास ने सफर किया आसान
गुर्जर की थड़ी अंडरपासः न्यू सांगानेर रोड पर वाहनों को चौराहे के ट्रैफिक से बचकर निकलने का विकल्प मिलता है। इससे मुख्य मार्ग पर रुकने और बार-बार लगने वाली वाहनों की कतारों का दबाव कम करने में मदद मिलती है।
अंडरपास सहकार मार्ग अंडरपासः लक्ष्मी मंदिर तिराहे की ट्रैफिक लाइट को खत्म करने के लिए जेडीए ने सहकार मार्ग टोंक रोड को जोड़ते हुए अंडरपास बनाया। सहकार मार्ग से आने वाले वाहन बिना रुके सांगानेर की ओर चले जाते हैं।
बी-टू बायपास अंडरपासः मानसरोवर और आसपास के रिहायशी इलाकों को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों को चौराहे के ट्रैफिक से बचकर निकलने की सुविधा मिलती है। इससे रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों का समय बचाने और ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलती है।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।