सांडेराव। सांडेराव में रोडवेज बस स्टैंड की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। एक ओर जहां रोडवेज प्रशासन बसों में टिकट चेकिंग अभियान को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर जिस स्थान से यात्री अपनी यात्रा शुरू करते हैं, वहां की बदहाली पर किसी का ध्यान नहीं है। यात्रियों का कहना है कि विभाग की सक्रियता केवल राजस्व जुटाने तक सीमित है, जबकि उन्हें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में भारी लापरवाही बरती जा रही है।
बस स्टैंड पर सबसे बड़ी समस्या सूचना बोर्ड का न होना है। बसों के आगमन और प्रस्थान का कोई भी विवरण उपलब्ध न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से वे लोग जो इस मार्ग पर पहली बार यात्रा कर रहे हैं, उन्हें बस के इंतजार में घंटों भटकना पड़ता है। समय-सारणी के अभाव में यात्रियों को यह जानकारी ही नहीं मिल पाती कि उनकी बस कब आएगी और कहां के लिए रवाना होगी।
दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान भी बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं देखा गया। परिसर में फैली गंदगी के बीच यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ता है, जो स्वास्थ्य और स्वच्छता की दृष्टि से बेहद निराशाजनक है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फालना आगार प्रबंधन द्वारा टिकट जांच के नाम पर सख्ती तो की जा रही है, लेकिन बस स्टैंड के रखरखाव और सफाई के प्रति विभाग पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
क्षेत्रवासियों ने अब फालना आगार के मुख्य प्रबंधक से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यात्रियों की प्रमुख मांगों में नियमित सफाई व्यवस्था, बसों की समय-सारणी का सूचना बोर्ड लगाना और धूप व बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त शेड का निर्माण शामिल है। अब देखना यह है कि यात्रियों की यह पीड़ा कब तक जिम्मेदारों के कानों तक पहुंचती है और बस स्टैंड की व्यवस्था में सुधार के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


