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हरियाणा के छोटे से गांव की बेटी आयुषी ने किया बड़ा कमाल, शूटिंग में गोल्ड जीतकर प्रदेश का नाम किया रोशन

हरियाणा प्रदेश के हिसार जिले के छोटे से गांव की बेटी आयुषी ने शूटिंग में बड़ा नया किया है। आयुषी ने देहरादून में आयोजित 35वीं आल इंडिया जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं।

SHOOTING CHAMPION AAYUSHI
SHOOTING CHAMPION AAYUSHI

Haryana News: हरियाणा प्रदेश के हिसार जिले के छोटे से गांव की बेटी आयुषी ने शूटिंग में बड़ा नया किया है। आयुषी ने देहरादून में आयोजित 35वीं आल इंडिया जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। किसी भी काम में शिद्दत से लगने और इसमें सफलता पाने के लिए जरूरी समर्पण ही व्यक्ति को मंजिल तक पहुंचाता है। हिसार जिला के छोटे गांव रावलवास की बेटी 14 साल की आयुषी ने यह साबित कर दिया है।

दरअसल आयुषी ने जब टीवी पर ओलिंपियन मनु भाकर को शूटिंग करते देखा तो मन ही मान खुद भी निशानेबाजी का फैसला कर लिया। इसके लिए आयुषी ने चार साल तक अथक मेहनत की। अब 14 साल की आयुषी ने राष्ट्रीय स्तर अपनी प्रतिभा को चमका दिया है। आयुषी हरियाणा के हिसार जिला के गांव रावलवास खुर्द से आती हैं। देहरादून में आयोजित 35वीं आल इंडिया जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप में आयुषी ने स्वर्ण पदक जीता है। इससे उन्होंने हरियाणा में उभर रही खेल प्रतिभाओं को दिखा दिया है।

आयुषी ने 10 मीटर एयर पिस्टल के सब-यूथ विमेन व्यक्तिगत वर्ग में 375.8 अंक हासिल किए हैं। इससे उनको इस प्रतियोगिता में पहला स्थान मिला। यह प्रतियोगिता 23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज के त्रिशूल शूटिंग रेंज में आयोजित की गई। यूं तो इस प्रतियोगिता में देश भर के निशानेबाजों का दबदबा रहा, लेकिन हरियाणा की बेटी आयुषी अपने आयु वर्ग में चार मुकाबलों में 95, 94, 92 और 94 अंक अर्जित किए। ऐसे में कुल 375.8 अंकों के साथ आयुषी पहले स्थान पर रहीं और स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।

पिता किसान की बेटी, सरकारी स्कूल पढ़ाई

आयुषी के पिता विनोद सिहाग रवलवास खुर्द गांव में छोटे से किसान हैं। वहीं आयुषी की पढ़ाई फिलहाल गांव के ही राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रही है। वे फिलहाल नौवीं कक्षा की छात्रा हैं। उनका छोटा भाई भी खेल में है और क्रिकेट खेलता है।

मनु भाकर से ली प्रेरणा परिवार ने दिया साथ

आज आयुषी अपने खेल के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में सफल रही है। उनके जीवन निशानेबाजी की शुरूआत करीब चार साल तब हुई, जब उन्होंने ओलिंपियन मनु भाकर को टीवी पर शूटिंग करते देखा। ऐसे में आयुषी ने भी निशानेबाजी को अपने जीवन में लाने का फैसला लिया और शूटिंग की तैयारी शुरू की। इसमें परिवार का भी पूरा स्पॉट मिला। आयुषी की यह सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी।

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