जयपुर। दीपावली के त्यौहार के मद्देनजर आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के आदेशों के अनुपालन में, जयपुर ग्रामीण के तूंगा और कोटखावदा क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम ने विभिन्न मिष्ठान प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया और गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने एकत्रित किए।
कार्रवाई के दौरान तूंगा स्थित जोधा मिष्ठान भंडार और जोधपुर मिष्ठान भंडार से मिश्री मावा के नमूने लिए गए, जबकि खंडेलवाल स्वीट्स कॉर्नर से कलाकंद का नमूना जांच के लिए भेजा गया। इसी प्रकार, कोटखावदा में मां भवानी जोधपुर मिष्ठान भंडार से मावा बर्फी का नमूना लिया गया। इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया है ताकि खाद्य मानकों की पुष्टि की जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि त्यौहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे निर्माण से लेकर बिक्री तक खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें। प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने और उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया है।
डॉ. मित्तल ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान दीपावली तक निरंतर जारी रहेगा ताकि बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता बनी रहे। विभाग का प्रयास है कि त्यौहार के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या से आमजन को बचाया जा सके।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री केवल विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदें। यदि किसी को मिलावट का संदेह हो, तो इसकी शिकायत तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जानी चाहिए। नागरिकों की जागरूकता और विभाग की सतर्कता से ही त्यौहारों के दौरान शुद्ध आहार की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है।


