केंद्र सरकार द्वारा डीए बढ़ाने के बाद कई राज्यों के कर्मचारी व पेंशनभोगी कर्मचारी महंगाई भत्ता यानी डीए बढ़ाने का इंतजार कर रहे है। अधिकतर भाजपा शासित राज्यों में डीए बढ़ाने का इंतजार कर रहे है, लेकिन अब इन राज्यों में भी डीए बढ़ने वाला है। शुक्रवार को मध्यप्रदेश के डा. मोहन यादव की सरकार ने प्रदेश के लाखों कर्मचारी व पेंशनभोगियों के डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी। सीएम ने डीए बढ़ाने की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दी।
मध्यप्रदेश में कर्मचारियों का डीए जनवरी 2026 से बकाया था, लेकिन अब एमपी सरकार ने दो प्रतिशत डीए को बढ़ा दिया और साथ में घोषणा की कि इन कर्मचारियो को जनवरी से सितंबर माह का डीए एरियर के तौर पर दिया जाएगा। नौ माह का एरियर को सरकार द्वारा तीन किश्तों में जारी किया जाएगा। जबकि अक्टूबर माह में मिलने वाला वेतन कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए के हिसाब से मिलेगा। नौ माह के बाद डीए की घोषणा के बाद एमपी के कर्मचारियों की खुशी की लहर दौड़ गई।
केंद्र के डीए के पास पहुंचा एमपी के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता
केंद्रीय कर्मचारियों के नजदीक ही एमपी के कर्मचारी व पेंशनभोगियों का डीए पहुंच गया है। केंद्र सरकार द्वारा तीन प्रतिशत डीए बढ़ाने की घोषणा के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 63 प्रतिशत हो गया है, लेकिन फिलहाल एमपी के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा था, लेकिन अब सरकार द्वारा दो प्रतिशत बढ़ाने के बाद यह 60 प्रतिशत पहुंच गया है। ऐसे में कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के सम्मान ही राज्य सरकार द्वारा लाभ दिया जा रहा है।
पेंशनभोगियों को छह माह का लगा झटका
एमपी सरकार द्वारा कर्मचारियों का डीए को जनवरी 2026 से लागू माना है, लेकिन पेंशनभोगियों को इसमें सरकार ने झटका दिया है। पेंशनभोगियों का बढ़े हुए डीए का लाभ जुलाई 2026 से माना जाएगा। ऐसे में पेंशनभोगियों को नौ माह की जगह पर केवल तीन माह का एरियर ही मिलेगा। इस फैसले का पेंशनभोगियों ने विरोध जताया है और उनकी मांग है कि उनका डीए भी जनवरी 2026 से लागू माना जाए।


