जयपुर। राजस्थान पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण को सिद्ध किया है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में प्रदेश भर से चुनी गई पांच उत्कृष्ट पुलिस कार्रवाइयों की सराहना करते हुए संबंधित जवानों का हौसला बढ़ाया है। इन उपलब्धियों को बेस्ट पुलिस वर्क ऑफ द वीक के तहत मान्यता दी गई है, जो पुलिस बल की संवेदनशीलता और अपराध के विरुद्ध उनकी सख्ती को दर्शाती है। डीजीपी ने कहा कि ऐसे कार्य न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि आमजन में सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करते हैं।
इन सफलताओं में सबसे चर्चित घटना जयपुर पश्चिम की रही, जहां एक व्यक्ति 33 हजार वोल्ट के हाई-टेंशन तार की चपेट में आने के बाद पोल पर ही फंस गया था। दराडिया निवासी मोतीलाल ठाकुर की जान बचाने के लिए खोराबीसल थाना क्षेत्र के कांस्टेबल चालक सुनील कुमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बिजली के खंभे पर चढ़कर घायल युवक को सुरक्षित नीचे उतारा और समय रहते अस्पताल पहुंचाया। कांस्टेबल के इस साहसिक कार्य की पूरे राज्य में प्रशंसा हो रही है और उन्हें विभाग की ओर से विशेष रूप से सराहा गया है।
पुलिस की इन उपलब्धियों में केवल बचाव कार्य ही नहीं, बल्कि अपराध नियंत्रण की बड़ी सफलताएं भी शामिल हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान सक्रिय रहने वाली 28 महिला टप्पेबाजों की गिरफ्तारी ने पुलिस की सतर्कता को साबित किया है। इस तरह की कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि राजस्थान पुलिस का हर जवान जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे उत्कृष्ट कार्यों को भविष्य में भी प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि पुलिसकर्मियों का यह समर्पण और सूझबूझ अन्य जवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी पुलिस बल इसी प्रकार साहस और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा। उन्होंने दोहराया कि अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विभाग का प्रयास है कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास का यह रिश्ता और अधिक प्रगाढ़ हो सके।


