Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

हरियाणा के इस थर्मल प्लांट में लगेगी 800 मेगावाट की नई यूनिट, बिजली आपूर्ति को मिलेगी नई मजबूती

हरियाणा के इस थर्मल प्लांट में लगेगी 800 मेगावाट की नई यूनिट, बिजली आपूर्ति को मिलेगी नई मजबूती

Haryana News : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में बिजली का उत्पादन बढ़ाने का प्लान बनाया है। इसे लिए सरकार द्वारा बिजली की नई यूनिट लगाई जाएगी। इसके लिए हिसार जिले के गांव खेदड़ में बना राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट में 800 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल विस्तार किया जाएगा। इस इकाई के लिए लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरणीय मंजूरी के लिए आवेदन किया जा रहा है। इसके अलावा कंसल्टेंसी एजेंसी भी हायर की गई है। नई 800 मेगावाट इकाई को लेकर कोल लिंकेज मिल चुका है। नई यूनिट के लिए कोयला कहां से आएगा यह तय होने के बाद अब इकाई के निर्माण को लेकर गतिविधियां तेज हो चुकी है।

कंसल्टेंसी एजेंसी हायर करने के बाद अब एजेंसी यहां जमीन, ड्राइंग आदि का काम देखेगी। इसके साथ नई इकाई को लेकर पर्यावरणीय मंजूरी को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में फाइल भी भेजी जा रही है। अभी राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ की क्षमता 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन की है। यहां अभी 600-600 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। तीसरी इकाई आरंभहोने के बाद प्लांट की बिजली उत्पादन क्षमता 2 हजार मेगावाट हो जाएगी। खेदड़ प्लांट का निर्माण कार्य साल 2007 में आरंभ हुआ था और साल 2010 में यहां दो इकाई शुरू हुई थीं।

अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल नई यूनिट से बढ़ेगा बिजली उत्पादन

खेदड़ प्लांट में नई यूनिट लगने से बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, जिससे हरियाणा में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी। खेदड़ प्लांट की पहले 1200 मेगावाट क्षमता की दोनों यूनिट साल 2010 में बनी थीं, बीते 16 साल में हरियाणा में बिजली उपभोक्ता भी बढ़े हैं और लोड भी। बिजली की बढ़ती डिमांड के कारण नई यूनिट की जरूरत है।

नई यूनिट अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी, जो कम कोयले में अधिक बिजली का उत्पादन करेगी और पर्यावरण के अनुकूल होगी। नई यूनिट लगने से गर्मियों और त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ने वाली बिजली की भारी मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय स्तर पर तकनीकी और गैर-तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

2010 में प्लांट शुरू, रोज 288 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति की क्षमता

राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ में 600-600 मेगावाट की अभी दो इकाइयां हैं। इसमें पहली इकाई मार्च 2010 में और दूसरी इकाई अक्टूबर 2010 में आरंभ की गई थी। अभी प्लांट से सालाना लगभग 8,400 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होता है, और अपनी निर्धारित क्षमता पर यह प्रतिदिन लगभग 288 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति करती है।

ओवरहोलिंग के लिए एक इकाई 55 दिन के लिए 21 अक्टूबर को बंद की

खेदड़ प्लांट की दो में से एक इकाई अभी ओवरहोलिंग के चलते 55 दिन के लिए बंद रहेगी। यूनिट की टर्बाइन की सर्विसिंग व रिपेयर का काम चलेगा। जिससे यूनिट पूरी क्षमता से बिजली उत्पादित करती रहे। प्लांट प्रशासन का कहना है कि यह नियमित प्रक्रिया है। अभी सर्दी में बिजली की डिमांड कम हो जाती है, इसलिए ओवरहोलिंग का काम किया जा रहा है। यूनिट को 21 अक्टूबर से शटडाउन किया।

पर्यावरणीय मंजूरी के लिए भेजी जाएगी फाइल

राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ के चीफ इंजीनियर अशोक महेश्वरी ने बताया कि खेदड़ पावर प्लांट की 800 मेगावाट की नई यूनिट के लिए कोल लिंकेज की अनुमति मिल चुकी है। अब पर्यावरणीय मंजूरी के लिए आवेदन किया जाएगा। सिविल वर्क के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी हायर की गई है। अभी यूनिट निर्माण को लेकर प्रारंभिक चरण के कार्य किए जा रहे हैं।

आगे पढ़ें

ताज़ा खबरें, एक के बाद एक

स्क्रॉल करते रहें, अगली खबर अपने आप खुलेगी।

जयपुर, सहित देश के 16 शहरों के लिए शुरू हुई जेवर से उड़ाने, रविवार को उदयपुर के लिए उड़ी पहली फ्लाइट