Rajasthan New Project : राजस्थान सरकार ने प्रदेश के 14 जिलों को किसानों को बड़ी राहत दी है। अब किसानों को गर्मी व सर्दी के मौसम में रात के समय बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब इन 14 जिलों के किसान रात की बजाए दिन के समय में खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। सरकार द्वारा राजस्थान के 14 जिलों के खेतों की बिजली लाइन में दिन के समय ही सप्लाई देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीपावली पर किसानों को नई सौगात देते हुए नागौर जिले के बिरलोका में 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) का शुभारंभ किया है। इसमें अजमेर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के सभी 14 जिलों में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली की सप्लाई हो सकेगी। इस व्यवस्था से क्षेत्र के किसानों को रात में सिंचाई कार्य से राहत मिलेगी तथा कृषि कार्य अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगा।
अजमेर डिस्कॉम के 13 जिलों को मिलेगा लाभ
राजस्थान के अजमेर डिस्कॉम में नई बिजली व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था के तहत अजमेर डिस्कॉम में आने वाले 14 जिलों में से 13 के किसानों को दिन में दो ब्लाक में बिजली सप्लाई की व्यवस्था दी है। बिरलोका जीएसएस के शुरू होने से शेष जिले में भी इस व्यवस्था का विस्तार होगा। इस परियोजना से बिरलोका, नारवा, हिसाबा, पांचला सिद्धा, खींवसर, पांचौड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से संपूर्ण खींवसर तहसील में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
170 करोड़ रुपये की नई परियोजना मिली
राजस्थान सरकार द्वारा किसान व आम जनता को 170 करोड़ की नई परियोजना को सौगात दी है। जीएसएस में 160 एमवीए क्षमता का 220/132 केवी पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। अत्याधुनिक स्काडा प्रणाली के उपयोग से पश्चिमी राजस्थान में उत्पादित सौर ऊर्जा का नागौर जिले में बेहतर उपयोग संभव होगा। इसके साथ ही विद्युत छीजत में कमी आएगी तथा वोल्टेज स्तर, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार होगा।
अब तक प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को मिल रही बिजली
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कृषक हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2027 तक प्रदेश के किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की बजट घोषणा की और इस दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य करते हुए अब तक प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।


