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राजपैथोकोन-2026: भीलवाड़ा की डॉ. अरुणा पंचारिया की दो नई चिकित्सा पुस्तकों का हुआ विमोचन

उदयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में डॉ. अरुणा पंचारिया ने एमबीबीएस और एमडी छात्रों के लिए दो महत्वपूर्ण पैथोलॉजी पुस्तकें पेश कीं।

राजपैथोकोन-2026 के मंच पर डॉ. अरुणा पंचारिया अपनी नई चिकित्सा पुस्तकों का विमोचन करते हुए
राजपैथोकोन-2026 के मंच पर डॉ. अरुणा पंचारिया अपनी नई चिकित्सा पुस्तकों का विमोचन करते हुए

उदयपुर। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भीलवाड़ा का मान बढ़ाते हुए, राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. अरुणा पंचारिया द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण चिकित्सा पुस्तकों का विमोचन उदयपुर में संपन्न हुआ। यह आयोजन राज्य स्तरीय पैथोलॉजी सम्मेलन राजपैथोकोन-2026 के दौरान किया गया, जिसमें देश भर के प्रख्यात चिकित्सा विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। इस उपलब्धि ने चिकित्सा जगत में भीलवाड़ा को एक नई पहचान दिलाई है।

पुस्तक विमोचन समारोह में आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन और पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नमिता गोयल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। पूर्व डीन डॉ. नरेंद्र मोगरा ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने डॉ. पंचारिया के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी शैक्षणिक पहल बताया। लेखिका ने बताया कि इन पुस्तकों का मुख्य उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक निदान से जोड़ना है।

एमबीबीएस विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई पहली पुस्तक 'पल्स ऑफ पैथोलॉजी: बेंच-टू-बेडसाइड अप्रोच' में रोगों की समझ को क्लिनिकल केस के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है। वहीं, एमडी पैथोलॉजी के स्नातकोत्तर छात्रों के लिए लिखी गई दूसरी पुस्तक 'मास्टरिंग एमडी पैथोलॉजी: डिकोडिंग द क्लिनिकल केस डायग्नोसिस' निदान की प्रक्रिया को क्रमबद्ध तरीके से समझने में मदद करती है।

इन पुस्तकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पाठ्यक्रम और दक्षता-आधारित चिकित्सा शिक्षा की भावना के अनुरूप हैं। ये पुस्तकें विद्यार्थियों में तार्किक सोच और क्लिनिकल सहसंबंध विकसित करने में सहायक होंगी। डॉ. पंचारिया का मानना है कि चिकित्सा शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक क्लिनिकल परिस्थितियों के साथ जोड़ना अनिवार्य है।

मेवाड़ गौरव सम्मान और आयरन लेडी ऑफ राजस्थान जैसे पुरस्कारों से सम्मानित डॉ. पंचारिया अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी जटिल विषयों को सरल बना रही हैं। एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा सराही गई उनकी यह पहल चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक साबित होगी। राजपैथोकोन के मंच से हुआ यह विमोचन राजस्थान में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को भी प्रदर्शित करता है।

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