Electricity workers strike : हरियाणा के गुरुग्राम व नूंह जिले में बिजली सप्लाई निजी कंपनी को देने को लेकर बिजली कर्मचारी व अधिकारी तीन दिन की हड़ताल पर है। बिजली हड़ताल के दूसरे दिन प्रदेश के अधिकतर जिलों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है और विकट परिस्थिति बन गई है। जहां पर बिजली नहीं होने से घरेलू कामकाज व पानी की सप्लाई तक बाधित है। हड़ताल के पहले ही दिन 15 जिलों में भंयकर असर दिखाई दिया।
जहां पर जींद, सिरसा सहित कई जिलों में ब्लैकआउट की स्थिति रही। प्रदेश के 33 केवी के 118 और 11 केवी के 510 से ज्यादा फीडर बंद पड़े हुए है। प्रदेश में लगातार हड़ताल के चलते जनता भी परेशान हो चुकी है। ऐसे में सरकार ने भी रुख में बदलाव किया है। पहले प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज कह रहे थे कि राज्य विद्युत नियामक आयोग के स्वतंत्रत ईकाई है और इसमें वह हस्तक्षेप नहीं कर सकते है, लेकिन आज बिजली मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार सभी विकल्प पर बातचीत करने के लिए तैयार है।
इसलिए प्रदेश के हड़ताल पर गए कर्मचारियों से अपील है कि वह ड्यूट पर लौट आए। प्रदेश सरकार फिलहाल इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्यवाही करना भी शामिल है ।मंत्री अनिल विज की बातचीत के बुलाव पर बिजली कर्मचारी एंव इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। जहां पर मोर्चा के प्रवक्ता रविंद्र घनघस ने कहा कि मोर्चा बातचीत के लिए तैयार हो गया है। दोपहर 3 बजे यह मीटिंग रेस्ट हाउस में होगी।
पेट्रोल पंपों पर भी दिखाई दिया असर, बार ने किया वर्क सस्पेंड
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर हर जगह पर दिखाई दे रहा है। जहां पर घरों में दो दिन से बिजली गुल होने से परेशानी बढ़ गई है। वहीं बाजार में बिजली नहीं होने से व्यापार भी असर दिखाई दे रहा है। त्योहारी सीजन में फिलहाल कामकाज ठप पड़ा हुआ है। हड़ताल के चलते कुरुक्षेत्र और कैथल बार एसोसिएशन ने कोर्ट का काम सस्पेंड रखने का फैसला किया है।



