Jaipur News : राजस्थान सरकार के ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत जयपुर शहर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण के औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी खामियां सामने आई। जहां पर विभिन्न प्रकार के तैयार किए गए आचार में मृत छिपकलियां तक मिली है।
जयपुर प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद हर कोई हैरान है कि आचार के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। इस पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण की टीम ने 85 हजार किलोग्राम आचार को सीज कर दिया और अब इसको नष्ट करने की प्रक्रिया की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण की टीम जब जयपुर के एक आचार बनाने वाली फैक्ट्री में पहुंची तो बेसमेंट में प्लास्टिक की करीब 100 टंकियों में विभिन्न प्रकार का आचार और कच्चा माल रखा मिला। इसमें पांच हजार किलोग्राम तैयार आचार मिला। जबकि गाजर, कैरी, नींबू और मिर्ची सहित करीब 80 हजार किलोग्राम कच्चा माल तैयार होने के लिए रखा हुआ था।
जब आचार बनाने की टंकियां की जांच की तो टीम भी हैरान रह गई। जहां पर टंकियों में मच्छर, मकड़ियां और जाले पाए गए। एक-दो टंकियों में मृत छिपकलियां भी मिलीं। परिसर में अत्यधिक गंदगी के साथ खिड़कियां और जालियां टूटी हुई पाई गईं। इस पर टीम ने 85 हजार किलोमग्राम आचान को सीज कर दिया और अब उसको नष्ट करवाया जाएगा।
फैक्ट्री के परिसर को किया सीज
खाद्य सामग्री के अवैध विक्रय अथवा उसे खुर्द-बुर्द किए जाने की आशंका को देखते हुए परिसर को सील कर खाद्य कारोबार पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई है। संबंधित अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा, जयपुर द्वितीय को फर्म का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया प्रकरण में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 3(1)(zz) में परिभाषित असुरक्षित खाद्य की अवधारणा तथा धारा 26 के अंतर्गत खाद्य कारोबार संचालक के दायित्वों के उल्लंघन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है।


