जयपुर। जयपुर की रहने वाली अभिनेत्री आकांक्षा यादव की हिंदी फीचर फिल्म 'बेघर' इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। असम के फिल्म निर्माता कंगकन बोरा द्वारा निर्देशित इस फिल्म को जब बड़े थिएटरों और प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर जगह नहीं मिली, तो उन्होंने हार मानने के बजाय इसे सीधे दर्शकों तक पहुँचाने का साहसी निर्णय लिया। यह फिल्म 30 सितंबर 2026 को यूट्यूब पर रिलीज की गई और महज 11 दिनों के भीतर ही इसे 1 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है, जो स्वतंत्र सिनेमा की ताकत को दर्शाता है।
फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहीं आकांक्षा यादव के अभिनय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा जा रहा है। उनकी कलात्मक क्षमता ने दर्शकों को फिल्म से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंगकन बोरा का यह कदम उन सभी स्वतंत्र कलाकारों के लिए एक मिसाल है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि कहानी में दम हो, तो उसे दर्शकों तक पहुँचाने के लिए किसी बड़े बैनर की मोहताज होने की आवश्यकता नहीं है।
इस फिल्म को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निर्देशक कंगकन बोरा ने एक अनूठी पहल की है। वे अपनी फिल्म का प्रचार करने के लिए मोटरसाइकिल से पूरे भारत की यात्रा पर निकल पड़े हैं। उनका मानना है कि यदि फिल्म इंडस्ट्री किसी फिल्म को दर्शकों तक नहीं पहुँचाती है, तो फिल्म निर्माता का यह कर्तव्य है कि वह स्वयं दर्शकों के पास जाए। उनकी यह यात्रा न केवल फिल्म के प्रचार के लिए है, बल्कि यह स्वतंत्र भारतीय सिनेमा के समर्थन का एक संदेश भी है।
कंगकन की यह मुहिम जुनून और दृढ़ संकल्प का एक बेहतरीन उदाहरण है। एक फिल्म, एक बाइक और पूरे देश को अपनी कहानी सुनाने का उनका जज्बा फिल्म जगत में नई ऊर्जा भर रहा है। अब उनकी उम्मीद देश की जनता से है कि वे इस स्वतंत्र प्रयास को देखें, साझा करें और भारतीय सिनेमा के इस नए दौर का समर्थन करें। यह फिल्म उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपनी रचनात्मकता को दुनिया के सामने लाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।


