जयपुर जिले के चाकसू क्षेत्र डोर-टू-डोर सर्वे हुआ शुरू, अपात्रों से रिकवरी और पात्रों को जोड़ने की योजना
जयपुर जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ऐसे शहरी वाडों में सर्वे किया जाएगा, जहां की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल है। अभियान के दौरान घर-घर जाकर लाभार्थियों की पात्रता की जांच की जाएंगी और जो लोग स्कीम के नियमों के तहत अपात्र हैं उन्हें लिस्ट से बाहर किया जाएगा।
जयपुर जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की पात्रता की जांच के लिए सर्वे अभियान चलाया जा रहा है।
Jaipur News: जयपुर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत अपात्र लोगों को स्कीम से बाहर करने के लिए सर्वे अभियान दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के तहत जिले के चाकसू क्षेत्र में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने और जरूरतमंद पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए जयपुर जिले में अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक डोर-टू-डोर सर्वे अभियान चलाया जाएगा।
शहरी वार्डों में होगा सर्वे
जयपुर जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ऐसे शहरी वाडों में सर्वे किया जाएगा, जहां की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल है। अभियान के दौरान घर-घर जाकर लाभार्थियों की पात्रता की जांच की जाएंगी और जो लोग स्कीम के नियमों के तहत अपात्र हैं उन्हें लिस्ट से बाहर किया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (National foods security Scheme) के नियमों के तहत अपात्र श्रेणी में आने वाले लोगों को योजना से स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सर्वे के दौरान अपात्र पाए गए परिवार स्वेच्छा से गिव अप नहीं करते हैं तो दिया जाएगा नोटिस
जयपुर जिले में चल रही सर्वे के दौरान यदि अपात्र लाभार्थी गिव-अप नहीं करते हैं, तो उन्हें नोटिस जारी कर योजना की सूची से नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस कदम से जहां अपात्र परिवार सरकारी लाभ से बाहर होंगे वहीं पात्र परिवारों को योजना से जुड़ने का मौका मिलेगा। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सर्वे का उद्देश्य केवल अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाना ही नहीं है, बल्कि हम उन पात्र परिवारों की पहचान कर रहे हैं, जो पात्र होने के बावजूद अभी तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सूची में शामिल नहीं हुए हैं। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दिसंबर 2026 तक अभियान पूर्ण करने का रखा गया है लक्ष्य
जयपुर जिले में अपात्र परिवारों को बाहर करने और पात्र परिवारों को लिस्ट में जोड़ने के लिए किया जा रहे सर्वे को पूर्ण करने का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक रखा गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जयपुर के अनुसार यह अभियान अक्टूबर में शुरू किया गया है और दिसंबर 2026 तक संचालित होगा। इससे योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाने और लाभार्थियों की सूची को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिले। वहीं योजना का गलत लाभ ले रहे परिवारों को लिस्ट से बाहर भी किया जाएगा।
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