Success Story IPS Sankalp Sharma: संकल्प शर्मा को एक दबंग आईपीएस अधिकारी के रूप में जाना जाता है। राजस्थान प्रदेश में जन्मे संकल्प शर्मा ने बचपन से ही आईपीएस अधिकारी बनने का लक्ष्य बना लिया था। संकल्प खाकी वर्दी से लगाव और मेहनत व जज्बे के बल पर 2011 में यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस अधिकारी बने। इन्होंने इस सफर की शुरुआत आईपीएस अधिकारी बनने के लिए ही की थी।
संकल्प शर्मा के अनुसार उन्हें बचपन से ही खाकी वर्दी से प्यार था और वह हमेशा आईपीएस अधिकारी बनना चाहते थे। संकल्प शर्मा को अब यूपी सरकार ने गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में जॉइंट सीपी की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले संकल्प शर्मा कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट में जॉइंट सीपी के पद पर अपनी जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
IPS बनने की जिद में ठुकरा दिया था जॉब ऑफर लेटर
राजस्थान के संकल्प शर्मा ने 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूर्ण होने के बाद आईआईटी रुड़की में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। बचपन से ही पढ़ने-लिखने में तेज तर्रार संकल्प शर्मा को आईआईटी रुड़की में केमिकल इंजीनियर में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई पूर्ण होने के बाद बड़ी आईटी कंपनी के जॉब ऑफर लेटर मिलने लगे। लेकिन संकल्प शर्मा के सिर पर तो आईपीएस ऑफिसर बनने की धुन सवार थी।
IPS अधिकारी बनने के लिए संकल्प शर्मा ने जॉब ऑफर लेटर ठुकराकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि, संकल्प को अच्छी जॉब ऑफर लेटर ठुकराने के बाद परिवार से भी नाराजगी का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने खुद पर विश्वास जताते हुए परिवार के सदस्यों को समझाया कि उन्हें सिर्फ आईपीएस अधिकारी ही बनना है।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
संकल्प शर्मा ने बीटेक और एमटेक की पढ़ाई पूर्ण करने के बाद एक अलग रास्ता चुनते हुए यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि, यूपीएससी की तैयारी के दौरान पहले और दूसरे प्रयास में संकल्प शर्मा को असफलता मिली।
यूपीएससी एग्जाम में मिली असफलता के बाद इन्होंने दुगनी ताकत से सेल्फ स्टडी के दम पर तीसरी बार में 2011 में यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर अपने बचपन का सपना पूरा किया। संकल्प शर्मा ने 2012 में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद यूपी कैडर में आईपीएस अधिकारी के रूप में अपना सफर शुरू किया।
संकल्प शर्मा एक दबंग आईपीएस अधिकारी के तौर पर 14 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुके हैं। बदायूं केस हो या भारत बंद के दौरान उपद्रवियों को भगाने का मामला हो, संकल्प ने हमेशा अपने कुशल नेतृत्व से एक अलग ही छाप छोड़ी है। उनकी पत्नी शालिनी अग्निहोत्री भी एक आईपीएस अधिकारी हैं।
बता दें कि शालिनी अग्निहोत्री और संकल्प शर्मा ने एक साथ ही आईपीएस अधिकारी की ट्रेनिंग ली थी। आईपीएस संकल्प शर्मा का मानना है कि अगर आप सच्ची मेहनत और लगन से एक लक्ष्य निर्धारित कर किसी मंजिल को प्राप्त करने के लिए काम करते हैं, तो उसमें आपको एक ना एक दिन सफल सफलता अवश्य मिलती है।