हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के खिलाड़ियों का आधुनिक सुविधा देने के लिए नए स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इसी कड़ी में फरीदाबाद के राजा नाहरसिंह स्टेडियम के निर्माण को लेकर 163 करोड़ की नई डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।
वहीं पुरानी एजेंसी केवल अपने बचे हुए कामों को पूरा करेगी। इसके बाद नई एजेंसी को काम सौंपा जाएगा। फिलहाल स्टेडियम में 22 करोड़ की लागत से होने वाले काम शुरू कर दिए गए हैं। इनमें टाइलें लगाना, पीओपी सहित अन्य काम शामिल हैं। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेडियम के जीर्णोद्धार की घोषणा की थी। निगम की ओर से - इसके लिए 135 करोड़ का बजट तैयार किया गया था।
2018 में गुजरात की कंपनी को दिया गया था ठेका निगम की ओर से 2018 में गुजरात की रणजीत बिल्डकान कंपनी को स्टेडियम निर्माण का ठेका दिया गया था, लेकिन दो साल बाद ही कंपनी ने बजट का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया। इसके बाद कोरोना की वजह से काम शुरू नहीं हो सका। फिर प्रदेश सरकार की ओर से स्टेडियम का काम नगर निगम से लेकर फरीदाबाद विकास महानगर प्राधिकरण को सौंप दिया गया।
एफएमडीए ने तैयार किया था 292 करोड़ का प्रोजेक्ट 2023 मेंस्टेडियम के निर्माण को लेकर एफएमडीए ने 292 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया। करीब दो साल तक स्टेडियम का काम एफएमडीए भी शुरू नहीं कर पाया, जिसके बाद बड़खल विधायक धनेश अदलखा की सिफारिश पर फिर से राजा नाहरसिंह स्टेडियम के निर्माण का काम निगम को सौप दिया गया। अब रंजीत विल्डकान की ओर से अपने अधूरे कामों को मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा। बाकी काम नई एजेंसी करेगी।
नई एजेंसी को दिया जाएगा ठेका
निगम के अनुसार 163 करोड़ रुपये की डीपीआर की सरकार से मंजूरी मिलते ही नई एजेंसी को ठेका दिया जाएगा। स्टेडियम के निर्माण में नई चीजो को भी जोड़ा गया है। स्टेडियम के साथ ही फुटबाल मैदान, बैडमिटन कोर्ट, बालीवाल मैदान और स्टेडियम के चारों तरफ साइकिल ट्रैक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां ईस्ट, वेस्ट और साउथ स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। स्टेडियम में लगाई गई लाइटों का लैक्स लेबल 1500 से बढ़ाकर तीन हजार मीटर किया जाएगा। स्टैंड ऊपर सीट, फुटबाल मैदान, एथलीट मैदान, स्विमिंग पूल बनाए जाएंगे।
नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह ने कहा कि राजा नाहरसिंह स्टेडियम को लेकर 163 करोड़ की नई डीपीआर तैयार की गई है। मंजूरी मिलते ही नई एजेंसी के लिए टेंडर लगाया जाएगा। स्टेडियम के निर्माण क जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास है।
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