गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनों को हाईटेक तरीके से हैक कर लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
आरोपियों के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला था। वे एटीएम में पैसे निकालने या जमा करने आए ग्राहकों को अपना निशाना बनाते थे। जब कोई ग्राहक मशीन का उपयोग कर रहा होता था, तो ये अपराधी मशीन में तकनीकी खराबी पैदा कर देते थे, जिससे नकदी मशीन के अंदर ही फंस जाती थी। ग्राहक के परेशान होकर वहां से चले जाने के बाद, ये लोग अपनी योजना को अंजाम देते थे।
नकदी निकालने के लिए ये अपराधी स्मार्ट प्लग, मोबाइल एप्लिकेशन और साइकिल की तीली से बने एक विशेष उपकरण का इस्तेमाल करते थे। इन उपकरणों की मदद से वे मशीन के शटर को खोलकर फंसी हुई नकदी को आसानी से निकाल लेते थे। इस तरह की धोखाधड़ी से बैंक ग्राहकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन चारों आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में कई अन्य वारदातों के खुलासे होने की संभावना है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि एटीएम या कैश डिपॉजिट मशीन का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। यदि मशीन में कोई असामान्य त्रुटि दिखाई दे या लेनदेन पूरा न हो, तो तुरंत बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें और किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें। मामले की जांच अभी जारी है।


