Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

बचत खाता, FD या म्यूचुलअ फंड? बच्चों के लिए कौन सा निवेश रहेगा सबसे बेहतर

बचत खाता, FD या म्यूचुलअ फंड? बच्चों के लिए कौन सा निवेश रहेगा सबसे बेहतर

Child Investment : दीपावली, भाई दूज और पर दादा-दादी, नाना-नानी और रिश्तेदारों से बच्चों को मिलने वाले नकद उपहार अक्सर खिलौनों, कपड़ों या घर के खर्च में खप जाते हैं। लेकिन यदि इन पैसों का कुछ हिस्सा हर साल सोच-समझकर निवेश किया जाए, तो 10-15 साल में यही छोटी रकम उच्च शिक्षा जैसे बड़े लक्ष्य का मजबूत सहारा बन सकती है। सवाल यह है कि पैसा बचत खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) या म्यूचुअल फंड में से कहां लगाएं? इसका जवाब किसी एक उत्पाद में नहीं, बल्कि एक सीधे प्रश्न में छिपा है: पैसा कब चाहिए?

बचत खाता : जरूरत पर नजदीक

बच्चे के नाम बचत खाता खोलना आर्थिक बचत की पहली सीख है। इसमें पैसा सुरक्षित रहता है व जरूरत पर तुरंत निकाला जा सकता है। हालांकि, ब्याज कम मिलता है। म्यूचुअल फंड में निवेश और निकासी के लिए भी बच्चे का बैंक खाता जरूरी है।

एफडी : स्थिरता को प्रॉइटी

एक से पांच साल में जरूरी लक्ष्यों, जैसे कोचिंग फीस या लैपटॉप के लिए एफडी या आरडी उपयोगी हैं। इनमें मूलधन सुरक्षित व व्याज तय रहता है। हालांकि, समय से पहले निकासी पर शर्ते लागू होती हैं। ब्याज पर टैक्स और महंगाई का असर पड़ता है।

साल या उससे 10 लंबी अवधि के लिए नियमित निगरानी के साथ डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड चुनना बेहतर है, क्योंकि लंबी अवधि में इक्रिटी सबसे अच्छा प्रदर्शन करता है।

म्यूचुअल फंड : लंबी अवधि के लिए

उच्च शिक्षा का लक्ष्य 10-1 साल दूर है तो इक्विटी म्यूचुअ फंड पर विचार कर सकते है इंडेक्स फंड और नियमि एसआइपी उपयोगी हैं। इन जोखिम और बाजार का उत्तान चढ़ाव रहता है। कम जोखि चाहने वाले परिवार हाइब्रिड फं चुन सकते हैं।

सबसे महत्त्वपूर्ण है सही आदत

त्योहार की रकम का एक हिस्सा बच्चे की इच्छा पूरी करने में खर्च करें और बाकी लक्ष्य के हिसाब से बांटें। जल्दी चाहिए तो बचत खाता, दो-तीन साल के लिए एफडी व दस साल बाद की पढ़ाई के लिए इंडेक्स फंड।

निवेश के लिए करें जागरुक

साल में एक बार बच्चे को निवेश का विवरण दिखाएं और समझाएं कि पैसा कैसे बढ़ता है। बचत का अनुशासन और जोखिम की समझ देना ही उसके बेहतर वित्तीय भविष्य की मजबूत शुरुआत है।

आगे पढ़ें

ताज़ा खबरें, एक के बाद एक

स्क्रॉल करते रहें, अगली खबर अपने आप खुलेगी।

70 के दशक में रफी साहब ने Gen Z को ध्यान में रखकर बनाया गया था यह गाना, 56 वर्षों से बना हुआ है अधूरी मोहब्बत का प्रतीक