Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

राजस्थान के किसानों के लिए सुनहरा मौका, नवाचार और जैविक खेती पर सरकार देगी 50,000 रुपये तक

राजस्थान के किसानों के लिए सुनहरा मौका, नवाचार और जैविक खेती पर सरकार देगी 50,000 रुपये तक

Rajasthan Government Scheme : राजस्थान सरकार द्वारा किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कई स्कीम चलाई है। अब किसानों को 50 हजार रुपये तक का इनाम देने का फैसला लिया गया है। यह सम्मान खेती में कुछ नया करने, परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक अपनाने और कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन हासिल करने वाले राजस्थान के किसानों को दिया जाएगा।

खेत में किया गया नवाचार यदि दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल बन रहा है तो उसके लिए 50 हजार रुपए तक का पुरस्कार मिल सकता है। कृषि विभाग ने ऐसे प्रगतिशील किसानों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए आत्मा योजना के तहत वर्ष 2026-27 की पुरस्कार प्रक्रिया शुरू की है।

इसमें केवल फसल उत्पादन ही नहीं, बल्कि उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, जैविक खेती और नवाचारी खेती में उल्लेखनीय काम करने वाले किसानों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम के तहत किसानों का चयन पंचायत समिति, जिला और राज्य स्तर पर किया जाएगा। पंचायत समिति स्तर पर चयनित किसान को 10 हजार, जिला स्तर पर 25 हजार और राज्य स्तर पर 50 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

पांच श्रेणियों में तलाशेंगे खेती के सितारे

योजना के तहत कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, जैविक खेती तथा नवाचारी खेती की पांच गतिविधियों में किसानों का चयन होगा। पंचायत समिति स्तर पर प्रत्येक गतिविधि से एक-एक किसान चुना जाएगा। इस तरह प्रत्येक पंचायत समिति से पांच किसानों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से प्रत्येक गतिविधि के दो श्रेष्ठ किसानों का चयन जिला स्तर के लिए होगा। इस प्रकार जिले में कुल 10 किसानों को जिला स्तरीय पुरस्कार मिलेगा। इसके बाद जिला स्तर पर प्रत्येक गतिविधि के दो श्रेष्ठ किसानों सहित कुल 10 किसानों का चयन राज्य स्तर के लिए किया जाएगा।

नवाचार की तस्वीरों के साथ करना होगा आवेदन

पुरस्कार के इच्छुक किसानों को अपने कार्यों और नवाचार से जुड़े रंगीन फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा जमाबंदी की प्रति आवेदन के साथ जमा करानी होगी। आवेदन संबंधित सहायक कृषि अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक अथवा कृषि विभाग कार्यालय में 20 नवंबर तक जमा कराए जा सकेंगे। पूर्व में आत्मा योजना अथवा किसी अन्य योजना के तहत पुरस्कार प्राप्त कर चुके किसान वर्ष 2026-27 में आवेदन के पात्र नहीं होंगे। इससे नए नवाचार करने वाले किसानों को अपनी उपलब्धियां सामने लाने का अवसर मिलेगा।

श्रीगंगानगर के उप परियोजना निदेशक (आत्मा) सुदेश कुमार ने बताया कि आत्मा योजना का उद्देश्य खेती में नवाचार और आधुनिक तकनीक अपनाकर बेहतर परिणाम देने वाले किसानों को प्रोत्साहित करना है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और जैविक खेती सहित पांच गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान आवेदन कर सकते हैं। पंचायत समिति स्तर पर 20 नवंबर तक आवेदन लिए जाएंगे। किसानों को उपलब्धियों के प्रमाण के रूप में आवश्यक दस्तावेज और रंगीन फोटो संलग्न करने होंगे। इससे प्रगतिशील किसानों को पहचान मिलेगी और दूसरे किसान भी उनसे प्रेरित होंगे।

आगे पढ़ें

ताज़ा खबरें, एक के बाद एक

स्क्रॉल करते रहें, अगली खबर अपने आप खुलेगी।

बचत खाता, FD या म्यूचुलअ फंड? बच्चों के लिए कौन सा निवेश रहेगा सबसे बेहतर