सवाई माधोपुर। दीपावली के पावन पर्व पर सवाई माधोपुर के बाजारों में उमड़ी भीड़ ने जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी है। बजरिया जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और पार्किंग के अभाव के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग और शहर के निवासी घंटों तक जाम में फंसने को मजबूर हैं, जिससे त्योहार की खुशियां फीकी पड़ती नजर आ रही हैं। मुख्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
शहर के व्यस्ततम इलाकों में नो-पार्किंग के बोर्ड केवल नाम के रह गए हैं। सड़क के दोनों ओर बेतरतीब ढंग से खड़े किए गए दोपहिया और चार पहिया वाहनों ने सड़कों को संकरा बना दिया है। यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों में पुलिस का कोई डर दिखाई नहीं दे रहा है, जिसके चलते जाम की समस्या और भी विकराल होती जा रही है। प्रशासन की ओर से यातायात को सुचारू बनाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से आमजन में भारी आक्रोश है।
व्यापारियों का कहना है कि यातायात की इस बदहाली का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। खरीदारी के लिए आने वाले परिवार और बुजुर्ग जाम में फंसने के डर से बाजारों में आने से कतरा रहे हैं। ग्राहकों की संख्या में कमी आने से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के इस महत्वपूर्ण समय में जब व्यापार चरम पर होना चाहिए, वहां अव्यवस्था के कारण ग्राहक बाजारों से दूरी बना रहे हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का सुझाव है कि बजरिया सहित सभी मुख्य बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। क्रेन के माध्यम से अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाना और पार्किंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना समय की मांग है, ताकि दीपावली के अवसर पर खरीदारी करने आने वाले लोगों को जाम से मुक्ति मिल सके।
