अपने चटख लाल रंग और विशिष्ट पहचान के लिए मशहूर बालोतरा के अनार को अब प्रदेशभर में नई पहचान दिलाने की तैयारी है। प्रदेश सरकार की पंच गौरव योजना के तहत दिसंबर में जिला स्तरीय अनार महोत्सव आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग की ओर से होने वाले इस आयोजन में प्रदेशभर के अनार उत्पादक किसानों को आमंत्रित किया जाएगा। देश और प्रदेश के कृषि एवं अनार विशेषज्ञ वैज्ञानिक किसानों को खेती में हो रहे नवाचारों और उन्नत तकनीकों की जानकारी देकर मार्गदर्शन करेंगे। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है।
अब 20 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबा
बालोतरा जिला अनार उत्पादन के मामले में प्रदेश में अग्रणी है। वर्ष 2010 में यहां के किसानों ने पहली बार अनार के बगीचे लगाने की पहल की थी। किसानों की मेहनत रंग लाई और बगीचों में अच्छी पैदावार होने से उन्हें बेहतर आमदनी मिलने लगी। इसके बाद हजारों किसान अनार की खेती से जुड़े और इसका रकबा लगातार बढ़ता गया। वर्तमान में बालोतरा बाड़मेर जिले में करीब 20 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में अनार के बगीचे लगे हुए हैं। यहां प्रतिवर्ष करीब 500 से 700 करोड़ रुपए की पैदावार होती है। घटख लाल रंग के कारण यहां के अनार की अलग पहचान बनी हुई है।
प्रदर्शनियों और स्टॉल पर दिखेंगे खेती के नए तरीके
अनार को पंच गौरव योजना में शामिल करने का उद्देश्य इसकी खेती को प्रोत्साहित करने के साथ जिले के उत्पाद को व्यापक पहचान दिलाना है। महोत्सव में अनार उत्पादन से जुड़ी विभिन्न तकनीकों की प्रदर्शनियां और स्टॉल लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से किसानों को खेती के नए तरीकों, नवाचारों और उत्पादन बढ़ाने संबंधी तकनीकी जानकारी मिलेगी। विभाग का प्रयास है कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से किसानों को अनार उत्पादन की उन्नत तकनीकों से जोड़कर खेती को नई दिशा दी जाए।
कृषि विभाग बालोतरा के संयुक्त निदेशक रूपेश लहुवा ने कहा कि पंच गौरव योजना के तहत बालोतरा में प्रदेश स्तरीय अनार महोत्सव आयोजित होगा। इसमें प्रदेशभर के किसानों को आमंत्रित किया जाएगा। देश और प्रदेश के कृषि एवं अनार विशेषज्ञ वैज्ञानिक भाग लेकर किसानों का मार्गदर्शन करेंगे।


