Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

राजस्थान में 19 महीने में पूरा हुआ 220 किमी रेल ट्रैक का कायाकल्प, अब 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

राजस्थान में 19 महीने में पूरा हुआ 220 किमी रेल ट्रैक का कायाकल्प, अब 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

Rajasthan New Rail Track : रेलवे विभाग द्वारा राजस्थान के रेल लाइन नेटवर्क को मजबूत किया है। रेलवे विभाग ने 220 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक का 19 माह में कायाकल्प कर दिया। इसमें रेलवे विभाग द्वारा रेलवे ट्रैक को मजबूत किया है और इस बार ज्यादा भार वाली रेल लाइन बिछाई गई है। अब इस रेलवे ट्रैक पर 110 की स्पीड से ट्रेन फर्राटा भरेंगी।

समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड पर ट्रैक की मजबूती और रेल परिचालन की संरक्षा बढ़ाने की दिशा में जोधपुर मंडल ने बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल की है। रेलखंड के 220 किलोमीटर लंबे पूरे समतल ट्रैक का नवीनीकरण कर पुरानी 52 किलो ग्राम रेल के स्थान पर 60 किलोग्राम की मजबूत रेल लाइन बिछाई गई है। मार्च 2025 में स्वीकृत यह कार्य महज 19 महीने में पूरा किया गया। इससे यात्री और मालगाड़ियों के तेज व सुरक्षित संचालन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

पुलों और यार्ड की संरचनाओं में भी सुधार

जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि डबल स्टैंक कंटेनर ट्रेनों के संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण इस रेलखंड पर ट्रैक के साथ पुलों और यार्ड की संरचनाओं में भी सुधार किया गया है। आठ गर्डर पुलों पर पुराने ब्रिज चैनल स्लीपर और रेल बदले गए, जिनमें दो महत्वपूर्ण पुल शामिल हैं। पुलों के पहुंच मार्ग को चौड़े आधार वाले स्लीपरों से मजबूत किया गया। इसके अलावा 16 यार्ड में टर्नआउट और स्लीपर नवीनीकरण, 4 हजार कैजुअल स्लीपर बदलने तथा एसईजे नवीनीकरण का काम पूरा हुआ।

फ्रैक्चर की घटनाओं में आई कमी

ट्रैक सुधार का असर संरक्षा के आंकड़ों में भी दिखा है। 220 किलोमीटर रेलखंड का टीक्यूआई स्तर 106.20 तक पहुंच गया है, जिसे भारतीय रेलवे में सर्वोच्च बताया गया है। रेल और वेल्ड फ्रैक्चर की घटनाएं वर्ष 2023-24 में 21 से घटकर 2025-26 में दो रह गईं। चालू वित्त वर्ष में अब तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई।

आईएमआर के मामले भी वर्ष 2024-25 के 132 से घटकर चालू वित्त वर्ष में अब तक आत रह गए हैं। वरिष्ठ मंडल इंजीनियर तरुण बीका के अनुसार, नवीनीकरण के बाद 100 किलोमीटर हिस्से में ट्रेनों की गति 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। शेष 120 किलोमीटर में भी दिसंबर 2026 तक गति बढ़ाने का लक्ष्य है।

आगे पढ़ें

ताज़ा खबरें, एक के बाद एक

स्क्रॉल करते रहें, अगली खबर अपने आप खुलेगी।

जयपुर में बसाई जाएगी हाइटेक सिटी, राजधानी को मिलेगी विश्वस्तरीय पहचान