हरियाणा में सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ जल देने के लिए सरकार द्वारा काम किया जा रहा है। इसके लिए गांव में नए जलघर बनाने के साथ नई पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार द्वारा चरखी दादरी जिले के 44 गांवों में खारा पानी से छुटकारा दिलाने के लिए मेगा प्लान बनाया है। जहां इन गांवों में स्वच्छ एवं मीठा पानी उपलब्ध करवाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़ी योजना पर काम किया जा रहा है।
इसके तहत जिले के करीब 44 गांवों में नए वाटर वर्क्स का निर्माण करवाया जा रहा है। इस परियोजना पर विभाग की ओर से करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग के अनुसार अब तक करीब 20 गांवों में नए वाटर वर्क्स का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 24 गांवों में भी अगले छह महीने के अंदर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन वाटर वर्क्स के साथ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को नहरी पानी को शुद्ध करके पेयजल के रूप में उपलब्ध करवाया जा सके।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से मिलेगा स्वच्छ और मीठा पानी
नए वाटर वर्क्स के साथ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए जा रहे हैं। इन प्लांट के माध्यम से नहरी पानी को निर्धारित प्रक्रिया से शुद्ध किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को पीने योग्य पानी उपलब्ध हो सकेगा। पुराने वाटर वर्क्स में चव्वे के पानी के मिलने से नहरी पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। अब नए निर्माण में इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ट्रीटमेंट की व्यवस्था की जा रही है। विभाग का उद्देश्य ग्रामीणों को साफ और मीठा पेयजल उपलब्ध करवाना है। इसके लिए सरकारी विभागों ने प्रयास अभी से आरंभ कर दिए हैं।
55 से बढ़ाकर 75 एलपीसीडी होगी क्षमता
गांवों की बढ़ती आबादी और भविष्य में पानी की जरूरत को देखते हुए विभाग ने नए वाटर वर्क्स की क्षमता बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। पहले इन वाटर वर्क्स की क्षमता 55 एलपीसीडी थी, जिसे बढ़ाकर अब 75 एलपीसीडी किया जाएगा। दरअसल, काफी समय पहले बनाए गए वाटर वर्क्स मौजूदा आबादी की जरूरतों के हिसाब से छोटे पड़ने लगे थे। ऐसे में इनकी क्षमता बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे बढ़ती मांग के अनुरूप पानी उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
खारे पानी की समस्या से निपटने की योजना
जिले के कई गांवों में काफी समय पहले बनाए गए वाटर वर्क्स अब पुराने हो चुके हैं। इनकी तलहटी ईंटों से बनाई गई थी। क्षेत्र में भूजल स्तर के कारण चव्वे का पानी इन वाटर वर्क्स में पहुंचकर नहरी पानी को भी खारा कर रहा था। इसके चलते ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। कई जगहों पर वाटर वर्क्स में उपलब्ध पानी पीने योग्य नहीं रह जाता था। इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने पुराने वाटर वर्क्स को हटाकर नए सिरे से निर्माण करवाने की योजना तैयार की है। नए वाटर वर्क्स में आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट की व्यवस्था की जा रही है।
छह महीने के अंदर कार्य होगा पूरा : जेई दीपक
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई दीपक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से सभी गांवों में नए वाटर वर्क्स तैयार करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अब तक करीब 20 गांवों में वाटर वर्क्स तैयार किए जा चुके हैं। शेष 24 गांवों में भी निर्माण कार्य जारी है। वाटर वर्क्स के साथ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम भी जल्द पूरा करवाया जाएगा। इसके लिए संबंधित एजेंसी को छह महीने की समय सीमा दी गई है।
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