Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश में शिक्षा विभाग में स्कूलों की छुट्टियों को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार सरकारी स्कूलों की छुट्टियों पर अब डिजिटल निगरानी रखी जाएगी। प्रदेश में जयपुर सहित पूरे राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में अब छुट्टियों की नई व्यवस्था शुरू हो गई है। नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी स्कूलों में अवकाश का पूरा लेखा-जोखा रखने के लिए डिजिटल प्रणाली अपनाई जाएगी। राजस्थान शिक्षा विभाग में इसके लिए शाला दर्पण पोर्टल पर हॉलिडे एंट्री मॉड्यूल की शुरु किया है। इस व्यवस्था के शुरू होने से स्कूलों में होने वाली छुट्टियों की सूचनाएं एक जगह जुटाने में आसानी होगी।
स्कूल में होने वाले अवकाश की तारीख और स्पष्ट कारण करना होगा पोर्टल पर दर्ज
राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में होने वाले अवकाशों पर कड़ी नजर रखने और रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाने हेतु शुरू की गई नई व्यवस्था के बाद अब संस्था के प्रधान पीना किसी वजह के स्कूलों में छुट्टी नहीं कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेशभर के सभी सरकारी स्कूलों में किसी भी प्रकार का अवकाश होने पर स्कूलों और संस्था प्रधानों को अवकाश की तारीख और स्पष्ट कारण पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य हो जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में नई तकनीकी पहल से शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों का अवकाश रिकॉर्ड देखने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी।
संस्था प्रधानों को रहना होगा अपडेट
शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किए गए हॉलिडे एंट्री मॉड्यूल के बाद अब संस्था प्रधानों को अपडेट रहना पड़ेगा। जिम्मेदारी बढ़ गई है। स्कूल में अवकाश के दौरान प्रधानों को अवकाश की तारीख या कारण सावधानी से डालनी होगी। क्योंकि रिकॉर्ड दर्ज के दौरान किसी प्रकार की एक गलती से विभागीय रिकॉर्ड में अंतर आने के बाद जांच का विषय बन सकता है। प्रधानों को अब स्कूलों में होने वाले अवकाश का डिजिटल ब्यौरा सही समय पर अपडेट करना होगा।
स्कूली बच्चों की शिक्षा में होगा सुधार
शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में होने वाली छुट्टियों का रिकॉर्ड रखने हेतु शुरू की गई नई व्यवस्था के बाद अब बच्चों की स्कूली शिक्षा में भी सुधार देखने को मिलेगा। गौरतलब है कि अब तक स्कूलों में होने वाली छुट्टियों की सूचना अपने स्तर पर अलग-अलग माध्यमों से भेजी जाती थी।
जिस वजह से कई स्कूलों में होने वाली छुट्टियों का विभाग को पता है दे नहीं चलता था, जिस वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। इसके अलावा इस प्रक्रिया की शुरू होने से पहले विभाग को स्कूलों में होने वाली छुट्टियों का डेटा जुटाने में भी परेशानी होती थी। अब विभाग के सामने एक ही क्लिक पर प्रदेश के हर स्कूल की छुट्टियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विभाग आसानी से ट्रैक कर सकेगा कि किस स्कूल में कब और किस कारण अवकाश रहा।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।