मनीमाजरा से सेक्टर-26 आने-जाने वाले लोगों को जल्द ही सुखना चो पर जाम और बरसात में रास्ता बंद होने को समस्या से राहत मिलेगी। बापूधाम के पास मौजूदा कॉजवे की जगह 12.25 करोड़ रुपए से हाईलेवल बिज बनाया जाएगा। मंगलवार को प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने प्रोजेक्ट का नींव पत्थर रखा। निर्माण शुरू होने के 12 महीने के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य है। मौजूदा कॉजवे संकरा होने के कारण पीक आवर्स में यहां वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। मॉनसून में सुखना लेक का जलस्तर बढ़ने और फ्लड गेट खोले जाने पर पानी कॉजवे के ऊपर आ जाता है, जिससे आवाजाही बंद करनी पड़ती है।
450 मीटर लंबा होगा पूरा प्रोजेक्ट, पुल 57 मीटर का
प्रोजेक्ट में पुल के साथ दोनों तरफ अप्रोच रोड भी बनाई जाएंगी। पूरे सड़क प्रोजेक्ट की लंबाई 450 मीटर और पुल की लंबाई 57 मीटर होगी। पुल पर दोनों दिशाओं में वाहनों के लिए 9.50-9.50 मीटर चौड़े कैरिजवे बनेंगे। दोनों तरफ 2.50-2.50 मीटर चौड़े पैदल यात्री और साइकिल ट्रैक होंगे। सुरक्षा के लिए रेलिंग और क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। पुल को दोनों तरफ पहले से मौजूद फोरलेन अप्रोच रोड से जोड़ा जाएगा। इससे सड़क की चौड़ाई में अचानक बदलाव नहीं होगा और ट्रैफिक सुचारू रहेगा। अलग ट्रैक बनने से पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को भी सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
मनीमाजरा, बापूधाम और आसपास के लोगों को फायदा
इस रास्ते का इस्तेमाल मनीमाजरा, बापूधाम, किशनगढ़ और आसपास के इलाकों से सेक्टर-26 व शहर के दूसरे हिस्सों में आने-जाने वाले लोग करते हैं। नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए रोज इस रूट से गुजरने वालों के अलावा पंचकूला से चंडीगढ़ आने वाले वाहन चालकों को भी फायदा होगा। नींव पत्थर समारोह में चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद, इंजीनियरिंग सेक्रेटरी प्रेरणा पुरी, चीफ इंजीनियर सीबी ओझा सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
2023 में पांच दिन बंद रहा था कॉजवे, मध्य मार्ग पर लगा था जाम
जुलाई 2023 में सुखना लेक से पानी छोड़े जाने के बाद सुखना चो का जलस्तर बढ़ गया था। पानी के तेज बहाव से मौजूदा कॉजवे को नुकसान पहुंचा और इसे करीब पांच दिन बंद रखना पड़ा। इसके चलते मनीमाजरा और पंचकूला से चंडीगढ़ आने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ा और मध्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया था। नया पुल मौजूदा कॉजवे से ऊंचाई पर बनाया जाएगा, ताकि सुखना लेक के फ्लड गेट खुलने पर भी पानी इसके नीचे से निकल सके और पुल के ऊपर ट्रैफिक चलता रहे।


