हरियाणा के हिसार में बड़ा अहम फैसल हुआ है। अब हरियाणा के पब्लिक हेल्थ विभाग को नगर निगम के अधीन लगाया जाएगा। इसके लिए अहम फैसला नगर निगम की बैठक में पारित हो गया। निगम ने यह फैसला इसलिए लिया गया कि शहरों के विकास के लिए नगर परिषद व पब्लिक हेल्थ विभाग की अहम योगदान होता है, लेकिन दोनों में तालमेल का अभाव बना रहता है।
इसके कारण काम में देरी होती है और समस्या का समाधान भी समय पर नहीं हो पाता है। अब भविष्य में दोनों विभागों के कर्मचारियों में तालमेल होने पर शहर की विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नगर निगम के मुख्य सभागार में बुधवार को दूसरे दिन बैठक में कई अहम प्रस्ताव पास किए गए। इसमें फैसला लिया कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को अब नगर निगम में शामिल किया जाएगा।
मेयर प्रवीण पोफ्ली ने सदन को बताया कि इस विषय पर पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा से वार्ता हो चुकी है। पब्लिक हेल्थ की सभी संपत्तियां, फंड और स्टाफ निगम के अधीन लिए जाएंगे। मेयर द्वारा रखे इस एजेंडे को सदन ने सर्वसम्मति से पास कर दिया।
विभाग के सभी एसेट्स, फंड और स्टाफ निगम के अधीन आएंगे
पब्लिक हेल्थ को निगम में शामिल करने से तालमेल बढ़ेगा, विभाग के सभी एसेट्स, फंड और स्टाफ निगम के अधीन आएंगे
पब्लिक हेल्थ के पास पेयजल सप्लाई और सीवरेज का काम है। पब्लिक हेल्थ जब नई लाइन डालता है तो सड़क उखाड़ दी जाती है। दोनों विभागों में तालमेल की कमी के कारण जनता का पैसा वेस्ट होता है और लोगों को परेशानी होती है। अगर यह विभाग
निगम के अंडर आ जाएगा तो शहरी क्षेत्र में पहले सीवरेज लाइनें डाली जाएंगी। इसके बाद सड़कों का निर्माण होगा और लोगों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। निगम के पास अपने फंड होते हैं निगम छोटे कार्य अपने स्तर पर करवा सकेगा।
हाउस का मानना है कि दोनों विभागों के इंजीनियरों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से पेयजल, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।


