सीकर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ मिलकर विश्वविद्यालय के विधि भवन में वित्तीय साक्षरता और बैंकिंग जागरूकता पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को डिजिटल युग की बैंकिंग चुनौतियों और वित्तीय प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. युद्धवीर सिंह ने कहा कि आज के समय में केवल धन कमाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही प्रबंधन और सुरक्षित निवेश करना भी अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी। कुलपति ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी, एटीएम पिन जैसी गोपनीय जानकारी साझा करने से साइबर धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बचना बेहद जरूरी है।
मुख्य वक्ता के रूप में एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक राकेश चौहान ने बैंकिंग उत्पादों और साइबर सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताते हुए बैंकिंग सेवाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने वेतन खातों से जुड़ी सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। इस दौरान एसबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय सीकर के मुख्य प्रबंधक विजेंद्र सिंह ने साइबर अपराधों से बचने के तरीकों पर प्रकाश डाला, जबकि जयपुर प्रधान कार्यालय के मुख्य प्रबंधक अतुल शर्मा ने विभिन्न बैंकिंग योजनाओं के बारे में प्रजेंटेशन दिया।
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई, जहां उपस्थित लोगों ने अपनी बैंकिंग समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं का निवारण किया। इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक समुदाय में वित्तीय रूप से जागरूक पीढ़ी तैयार करना है ताकि वे सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति सजग रह सकें।
सेमिनार का संचालन डॉ. महेश गुप्ता ने किया और डॉ. आरएस चुंडावत ने आभार व्यक्त किया। इस आयोजन में विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबर्स और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह सेमिनार न केवल बैंकिंग सेवाओं की बेहतर समझ विकसित करने में सहायक रहा, बल्कि डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


