जयपुर। राजस्थान को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ पुलिस विभाग ने मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ रखा है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में संचालित इस विशेष मुहिम के तहत 26 अक्टूबर तक 8,842 तस्करों और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पुलिस ने इस अवधि में मादक पदार्थों से जुड़े 7,695 मामले दर्ज किए हैं, जो राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
अभियान की तीव्रता का अंदाजा 26 अक्टूबर को चलाए गए एक दिवसीय विशेष ऑपरेशन से लगाया जा सकता है। उस दिन प्रदेश भर में 262 मामले दर्ज किए गए और 278 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस दौरान करीब 2.91 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए, जिनमें अफीम, डोडा पोस्त, गांजा और स्मैक जैसे नशीले पदार्थ शामिल थे। इस कार्रवाई में आठ बड़े तस्करों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया और छह प्रमुख हॉटस्पॉट पर छापेमारी की गई।
पुलिस की अब तक की कुल कार्रवाई में 1,244.20 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। इस मुहिम के दौरान 35 अवैध एमडी फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया और अवैध खेती के खिलाफ 144 स्थानों पर कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 2,125 वाहनों को जब्त कर अपराधियों के परिवहन तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है।
तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कड़ा प्रहार किया है। अब तक 75 संपत्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनका मूल्य 30.25 करोड़ रुपये आंका गया है। एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत की जा रही यह कार्रवाई तस्करों के आर्थिक साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने के लिए की जा रही है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नशे के व्यापार से अर्जित की गई किसी भी संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस जनभागीदारी पर भी विशेष जोर दे रही है। अब तक 3.63 लाख से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ चुके हैं और लगभग 3.58 लाख लोगों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली है। करीब 4,000 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया जा रहा है। राजस्थान पुलिस का यह बहुआयामी प्रयास राज्य को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


