हरियाणा व पंजाब के वाहनों का एनएचएआई द्वारा सुपरफास्ट सफर करवाने का प्लान बनाया है। एनएचएआई द्वारा पानीपत से जालंधर तक नेशनल हाईवे 44 यानी पहले एनएच 1 के नाम से जाना जाता था, उसको चकाचक करने की योजना बनाई है। 6 लेन इस नेशनल हाईवे को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए नई सड़क बनाई जाएगी। 6 लेन की बनने वाली इस नई सड़क का निर्माण पहले जिस ठेकेदार द्वारा इसका निर्माण किया था, उससे यह राशि वसूली जाएगी और नई एजेंसी को ठेका देकर इसका दोबारा से निर्माण करवाया जाएगा। एनएचएआई काम अधूरा छोड़ने वाली मूल एजेंसी से
50.35 करोड़ रुपए का हर्जाना वसूल करेगी, क्योंकि इस 6 लेन हाईवे का निर्माण करने वाली एजेंसी ने वर्ष 2024 में कई हिस्सों में बिटुमिन कंक्रीट ओवर ले और जरूरी रखरखाव का काम बीच में छोड़ दिया था। इसके कारण काम में लापरवाही बरतने पर एनएचएआई के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने पुराने ठेकेदार के रिस्क एंड कॉस्ट (जोखिम और लागत) पर काम पूरा कराने के लिए दूसरी बार ई-टेंडर जारी किया है। इस टेंडर के हिसाब से पानीपत के टोल प्लाजा से लेकर जालंधर तक कुल 291.10 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को दुरुस्त किया जाएगा।
12 माह का समय लगेगा निर्माण व मेंटेनेंस में
एनएचएआई पानीपत से जालंधर तक बने एनएच 44 की ज्यादा जर्जर व दुर्घटना संभावित हिस्से को चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद नए ठेकेदार को काम दिया जाएगा और उसको तय सीमा में मरम्मत का काम करना होगा। जिन हिस्सों में सिक्स लेन निर्माण के दौरान ऊपरी परत का काम अधूरा छोड़ दिया था या सड़क उखड़ चुकी है, वहां उच्च गुणवत्ता वाली बिटुमिन कंक्रीट की परत बिछाई जाएगी। पूरा कॉरिडोर समतल बनाने में 12 महीने लगेंगे।
छह एजेंसियों होगी टेंडर में शामिल
काम अधूरा छोड़ने पर एनएचएआई नई एजेंसी से काम करवाता है। इस काम पर खर्च होने वाले 50.35 करोड़ रुपए की कटौती और वसूली पिछले ठेकेदार की जमानत राशि (सिक्योरिटी) व बकाया भुगतान से की जाएगी। काम की गुणवत्ता के लिए एनएचएआई ने जुलाई 2024 में केवल 11 प्रमुख निर्माण कंपनियों को ही बोली लगाने की अनुमति दी है। इनमें हरियाणा (असंघ/जींद), पंजाब (पटियाला. जालंधर, बठिंडा) और दिल्ली समेत अन्य राज्यों की एजेंसियां शामिल हैं। 6 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में टेंडर खुलते ही निर्माण कार्य आवंटित कर दिया जाएगा।


