जयपुर शहर में यातयात की तस्वीर बदलने वाली है। राजस्थान को जाम मुक्त बनाने के लिए 37 किलोमीटर लंबी एलिवेटेउ रोड बनाया जाएगा। हालांकि यह लंबे समय से प्रस्तावित है, लेकिन अब इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है। सरकर द्वारा करवाई गई फिजिबिलिटी रिपोर्ट में नए एलिवेटेड रोड की संभावनाएं जताई है। फिलहाल जेडीए को अभी रिपोर्ट मिलनी बाकी है। इस एलिवेटेड रोड पर फाइनल मोहर 15 नवंबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ होने वाली बैठक में किया जाएगा। इसमें तय होगा कि 6000 करोड़ रुपये की इस परियोजना को एक साथ बनाया जाए या इसको चरणबद्ध तरीके से बनाया जाए।
मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा एलिवेटेड रोड को
जेडीए की फिजिबिलिटी रिपोर्ट में सामने आया कि इस एलिवेटेड रोड को शहर के प्रमख मार्गों से जोड़ा जाएगा। प्रस्ताव के हिसाब से एलिवेटेड रोड स्वर्ण जयंती गार्डन, विद्याधर नगर से शुरू होगा और गोनेर के आगे रिंग रोड तक बनाया जाएगा। इतने लंबे एलिवेटेड रोड में सबसे ज्यादा परेशानी मेट्रो ट्रैक और हाईटेंशन बिजली लाइनों के साथ तालमेल बैठाना होगा।
इन प्रमुख मार्गों से जोड़ने का विकल्प
एलिवेटेड रोड की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के हिसाब से दो विकल्प बनाए गए है। इसमें पहले विकल्प में सात स्थानों पर जोड़ने की योजना बनाई गई है। ताकि इन मार्ग से आने वाले वाहनों को भी राहत मिल सके। प्रस्ताव के अनुसार सीकर रोड, अजमेर रोड, न्यू आतिश मार्केट, रिद्धि-सिद्धि हाईलेवल ब्रिज, बी-टू बाइपास, सांगा सेतु और बम्बाला पुलिया सहित रिंग रोड को कनेक्ट किया जाएगा। इससे अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को कॉरिडोर से जुड़ने का रास्ता मिल सकेगा।
दूसरे विकल्प में बनाई यह योजना
जेडीए द्वारा बनाए गए दूसरे विकल्प में इसको एक्सप्रेस वे की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई है। इसमें नीचे प्रमुख मार्गों से जोड़ने के लिए लेग बनाने पर विचार है। न्यू आतिश मार्केट में मेट्रो ट्रैक के ऊपर से एलिवेटेड रोड निकालने का विकल्प भी रिपोर्ट में बताया गया है। इस हिस्से में सड़क की ऊंचाई जमीन से करीब 22 से 25 मीटर तक रहने का अनुमान है। ऐसे में मेट्रो संरचना, हाईटेंशन लाइनों और निर्माण के लिए जरूरी जगह की तकनीकी जांच अहम होगी।


