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अब ट्रैफिक पुलिस की मंजूरी के बिना नहीं बनेंगे स्पीड ब्रेकर, NHAI, नगर निगम, PWD को पुलिस का पत्र

अब ट्रैफिक पुलिस की मंजूरी के बिना नहीं बनेंगे स्पीड ब्रेकर,  NHAI, नगर निगम, PWD को पुलिस का पत्र

मुख्य मार्ग व शहरों की सड़कों पर मनमाने तरीके से बन रहे स्पीड ब्रेकर से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस सख्त हो गई है। अब ट्रैफिक पुलिस की अनुमति के बिना स्पीड ब्रेकर का निर्माण नहीं कर सकेंगे, अगर स्पीड ब्रेकर बनाना अनिवार्य है तो पहले पुलिस को सूचना देनी होगी।

वहां से अनुमति के बाद ही स्पीड ब्रेकर बन पाएगा। हिसार ट्रैफिक पुलिस ने एनएचएआइ नगर निगम और पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर कहा है कि सड़क पर कहां और किस तरह के ब्रेकर बनाए जा रहे हैं, इसकी जानकारी दी जाए। साथ ही इन पर मार्किंग करवाई गई है या नहीं, इस बारे में भी जानकारी दी जाए। इससे पुलिस को ब्रेकरों की स्थिति और उनकी बनावट की जानकारी रहेगी और सड़क हादसों से बचाव के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

एसपी ने भी नए ब्रेकरों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप करवाने के निर्देश दिए हैं। शहर में कई जगह बने स्पीड ब्रेकर वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। कहीं ब्रेकर आधे टूट चुके हैं तो कहीं टायल और प्लास्टिक से बने ब्रेकर जरूरत से ज्यादा ऊंचे हैं। कई स्थानों पर इनकी बनावट ऐसी है कि वाहन गुजरते समय उछलते हैं। रात के समय ऊंचे ब्रेकर दिखाई नहीं देने पर हादसों का खतरा बढ़ जाता है। सेक्टर-14, सेक्टर-9-11, सेक्टर-16-17 और साउथ बाइपास सहित शहर के कई मार्गों पर ब्रेकरों की स्थिति इस समस्या को उजागर करती है।

सेक्टर-9-11 में पुलिस थाने से लेकर सेक्टर-9-11 नाके और मुन्ना स्वीट्स तक मुख्य मार्ग पर करीब 21 ब्रेकर बने हुए हैं। इनमें चार ब्रेकर टायल से बनाए गए हैं। इसी तरह सेक्टर-16-17 से तोशाम रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर तीन बड़े ब्रेकर टायल से बनाए गए हैं। इनकी ऊंचाई और बनावट के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन उछलते हैं।

रात के समय तेज गति से आने वाले वाहन चालकों के लिए ये ब्रेकर जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा 16-17 में सिविल लाइन थाने के सामने प्लास्टिक का ब्रेकर बना हुआ है। इसी मार्ग पर सेक्टर 13 की तरफ जाने वाले मोड़ से पहले और मोड़ के पास दो ब्रेकर बनाए गए हैं। आगे सेक्टर-16-17 की तरफ जाने वाले चौक पर चारों तरफ जाने वाले मार्गों पर बजरी से बने ब्रेकर हैं। अलग अलग स्थानों पर ब्रेकर बनाने के तरीके और उनकी ऊंचाई में अंतर होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सेक्टर-14 में गेट नंबर-1 से निजी अस्पताल के सामने और उसके साथ वाली सड़क पर बने दो ब्रेकर आधे टूट चुके हैं। इनमें एक प्लास्टिक और दूसरा बजरी व तारकोल से बना है। इस मार्ग पर कुल चार ब्रेकर हैं। सेक्टर-33 की तरफ जाने वाले रास्ते पर मोड़ के पास बजरी का ब्रेकर बना हुआ है।

बस अड्डे के पिछले गेट से सेक्टर-33 की ओर जाने वाले मार्ग पर भी मोड़ के पास दो ब्रेकर हैं। आगे रेलवे फाटक की तरफ जाने वाले रास्ते पर मोड़ों और फाटक से पहले दोनों ओर ब्रेकर बनाए गए हैं। सेक्टर 33 से आजाद नगर की तरफ जाने वाले साउथ बाइपास पर तीन ब्रेकर ऐसे हैं, जो सड़क की सतह से करीब एक से डेढ़ फीट तक ऊंचे बताए जा रहे हैं।

हिसार ट्रैफिक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर चंद्रभान ने बताया कि तीनों विभागों को पत्र लिखकर ब्रेकर निर्माण व मार्किंग बारे जानकारी देने के लिए कहा गया है, ताकि सभी ब्रेकर मानकों के अनुरूप ही बनाए जाए। साथ ही पुलिस के संज्ञान में रहे कि कहां और किस तरह के ब्रेकर बनाए जा रहे हैं। इससे हादसों से बचाव के लिए पहले ही जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

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