सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र के सूरवाल गांव में मतदान केंद्र को उसके वर्तमान स्थान से हटाकर कहीं और ले जाने की चर्चाओं ने ग्रामीणों को लामबंद कर दिया है। इस संभावित बदलाव के विरोध में शुक्रवार को गांव के पंच-पटेलों और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कैबिनेट मंत्री और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे अपने मतदान केंद्र को किसी भी स्थिति में स्थानांतरित नहीं होने देंगे।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग को नजरअंदाज किया गया और मतदान केंद्र को बदला गया, तो पूरा गांव आगामी चुनावों में मतदान का बहिष्कार करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान मतदान केंद्र वर्षों से एक ही स्थान पर संचालित हो रहा है और यह भौगोलिक दृष्टि से सभी मतदाताओं के लिए सुलभ है। यहां बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को वोट डालने में कोई परेशानी नहीं होती, जिसे देखते हुए इसे यथावत रखना ही उचित है।
ग्रामीणों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मतदान केंद्र को दूर स्थानांतरित किया जाता है, तो मतदाताओं को वोट डालने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। इसका सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं या जिन्हें आवागमन में कठिनाई होती है। ग्रामीणों का तर्क है कि जब वर्तमान केंद्र पर कोई समस्या नहीं है, तो प्रशासन द्वारा इसे बदलने का निर्णय समझ से परे है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की है कि इस संबंध में उन्हें लिखित आश्वासन दिया जाए या आधिकारिक आदेश जारी किया जाए ताकि ग्रामीणों की शंकाएं दूर हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक की सुविधा के अनुसार होना चाहिए, न कि प्रशासनिक मनमानी के आधार पर। प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ही कोई भी निर्णय लेना चाहिए।
इस दौरान सूरवाल गांव के जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने एक स्वर में कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और किसी भी कीमत पर मतदान केंद्र को बदलने नहीं देंगे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेगा और जल्द ही इस मामले में उचित निर्णय लेगा ताकि गांव में शांति बनी रहे और चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
