जनूथर, डीग। डीग जिले के जनूथर थाना क्षेत्र के बडेसरा गांव में दो मासूम जुड़वां भाइयों की निर्मम हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा महज 24 घंटे के भीतर करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन बच्चों की सुरक्षा का जिम्मा मां पर था, उसी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।
मृतक बच्चों की पहचान विनय और विष्णु के रूप में हुई थी, जिनके शव 20 अक्टूबर को गांव के एक बाड़े में बाजरे के चारे के ढेर में मिले थे। बच्चों के शरीर पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. ने 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत विशेष टीमों का गठन किया। एफएसएल और डॉग स्क्वायड की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए, जिससे मां प्रीति और उसके प्रेमी राजेश की संलिप्तता सामने आई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रीति का राजेश के साथ अवैध प्रेम-प्रसंग चल रहा था। आरोपियों को डर था कि उनके इस रिश्ते का राज बच्चों के सामने खुल सकता है या वे इसमें बाधा बन सकते हैं। इसी डर के चलते उन्होंने मासूमों को रास्ते से हटाने का फैसला किया। रात के अंधेरे में दोनों ने धारदार हथियार से बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी और शवों को छिपाने के लिए उन्हें कड़बी के पूंजों में दबा दिया था।
बच्चों के नाना घनश्याम की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस की मनोवैज्ञानिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। वर्तमान में पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
इस घटना ने समाज में रिश्तों की मर्यादा और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इलाके में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और लोग आरोपियों के लिए सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।

