राजस्थान के इन 32 शहरों की बदलेगी तस्वीर, विश्व बैंक के 3500 करोड़ से सुधरेंगी सड़कें, परिवहन, नागरिक सुविधाएं
राजस्थान के 32 शहरों में सुविधाओं को बढ़ाने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने व पर्यटन को बढ़ावा देने और नगर निकायों की वित्तीय एवं प्रशासनिक क्षमता मजबूत करने के लिए विश्व बैंक ने सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन इन राजस्थान एक्सीलरेटेड यानी सूत्रा परियोजना को मंजूरी दी गई है
राजस्थान के 32 शहरों में सुविधाओं को बढ़ाने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने व पर्यटन को बढ़ावा देने और नगर निकायों की वित्तीय एवं प्रशासनिक क्षमता मजबूत करने के लिए विश्व बैंक ने सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन इन राजस्थान एक्सीलरेटेड यानी सूत्रा परियोजना को मंजूरी दी गई है
Rajasthan New Project : राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा और भरतपुर सहित 32 शहरों की तस्वीर बदलेगी। इन शहरों को दुबई की तर्ज पर विकसित करने के लिए विश्व बैंक का पैसा खर्च होगा। राजस्थान के 32 शहरों में सुविधाओं को बढ़ाने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने व पर्यटन को बढ़ावा देने और नगर निकायों की वित्तीय एवं प्रशासनिक क्षमता मजबूत करने के लिए विश्व बैंक ने सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन इन राजस्थान एक्सीलरेटेड यानी सूत्रा परियोजना दी गई है। विश्व बैंक द्वारा इन शहरों को विकसित करने के लिए कुल लागत 38 करोड़ 57 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 3500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
चार प्रमुख शहर के साथ 28 सैटेलाइट टाउन किए शामिल
विश्व बैंक की सूत्रा परियोजना के तहत राजस्थान के 32 शहरी स्थानीय निकायों को शामिल किया गया है। इसमें जयपुर, जोधपुर, कोटा और भरतपुर को प्रमुख शहरी क्लस्टर के तौर पर शामिल किया गया है, जबकि 28 सैटेलाइट टाउन को शामिल किया गया है। जिन शहरों को शामिल किया गया है, इसकी लगभग 78 लाख से अधिक जनसंख्या है। ऐसे में इन शहरों का आधारभूत ढांचा बदलने वाला है और आधुनिक शहरों में इनकी गिनती होने वाली है।
परिवहन व्यवस्था, कचरा प्रबंधन व पर्यटन को किया जाएगा विकसित
विश्व बैंक से मिलने वाली यह राशि राजस्थान के इन शहरों के आधारभूत ढांचे को मजबूत कर देंगे। चारों शहरी क्लस्टर में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और पुनर्जीवन, शहरी परिवहन एवं कनेक्टिविटी में सुधार, ठोस कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके माध्यम से इन शहरों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और उनके सड़क व गलियों का निर्माण किया जाएगा।
राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों को ध्यान में रखते हुए विरासत क्षेत्रों के विकास को भी परियोजना में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इन शहरों में बढ़ती गर्मी में जल संकट और बारिश के दौरान जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए कार्य भी करवाए जाएंगे।
आरयूआईडीपी की तरफ से चलाई जाएगी पूरी परियोजना
विश्व बैंक से मिलने वाली राशि से बनने वाली परियोजनों को मैनेजमेंट करने के लिए राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) को बनाया जाएगा। विश्व बैंक में परियोजना की तकनीकी डिजाइन की समीक्षा आगामी 10 दिसम्बर और बोर्ड का अनुमोदन 2 जुलाई 2027 तक होना संभावित है। इसमें विश्व बैंक के अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक से 27 करोड़ डॉलर का ऋण तथा राज्य सरकार की ओर से 11 करोड़ 57 लाख डॉलर का वित्तपोषण प्रस्तावित है।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।