Delhi News : देश की राजधानी दिल्ली में यमुना के किनारों को नए स्वरूप मिलने वाला है। यमुना के किनारों को अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर नया रूप दिया जाएगा। 52 किलोमीटर लंबे नदी क्षेत्र को दो चरणों में विकसित करने की योजना है। इसके तहत यमुना किनारे ऐसे सार्वजनिक स्थल विकसित करने की योजना है।
जहां पर लोग यमुना नदी का नजारा ले सकेंगे। इसके साथ बड़े पार्क, पैदल चलने के रास्ते, साइकिल ट्रैक, खेल मैदान और मनोरंजन की सुविधाएं विकसित की जाएगी। इसके बाद दिल्ली के लोगों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को को सैर-सपाटे, योग, साइकिलिंग और आउटडोर गतिविधियां करने का बेहतर स्थान मिल जाएगा।
दो चरणों में किया जाएगा विकसित
सरकार द्वारा 52 किलोमीटर के इस किनारे को दो चरण में विकसित करने की योजना बनाई है। पहले चरण में पल्ला से वजीराबाद तक बड़े पार्क व साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा।
इसके बाद दूसरे चरण में वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक के हिस्से को विकसित किया जाएगा। वजीराबाद बैराज दोनों चरणों के बीच प्रमुख बिंदु होगा। इस तरह राजधानी के उत्तरी हिस्से से लेकर दक्षिणी छोर तक यमुना किनारे के बड़े क्षेत्र को विकास योजना से जोड़ने की तैयारी है।
35 हजार लोगों ने 70 घाटों पर किया था श्रमदान
यमुना की सफाई और दिल्ली की जलापूर्ति व सीवरेज व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को 8,941.22 करोड़ रुपए की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 2827.11 करोड़ रुपए की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और 6114.11 करोड़ रुपए की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
18 अक्टूबर को चलाए गए 'चलो यमुना' अभियान में 35 हजार से अधिक लोगों ने श्रमदान किया। एक ही सुबह में नदी किनारे 70 स्थानों से 76755 किलो कचरा हटाया गया। जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने कहा कि यमुना की सफाई केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।


