Haryana News: हरियाणा प्रदेश में सरकार द्वारा अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाने से प्रदेश के हजारों अतिथि अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की प्रक्रिया तेज करती है। हरियाणा प्रदेश के रोहतक जिले में अतिथि अध्यापकों की राज्य स्तरीय कन्वेंशन में तीन वर्षीय नीति के तहत नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया है।
अतिथि अध्यापकों की राज्य स्तरीय कन्वेंशन में संचालक भूपेंद्र सिंह व रेखा ने के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे दिनेश यादव ने सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
सरकार आरक्षण, मेरिट और पात्रता परीक्षा जैसी शतों का हवाला देकर मामले को खींच रही है लंबा - अतिथि अध्यापक
हरियाणा के रोहतक जिले में हुई अतिथि राज्य स्तरीय कन्वेंशन में अतिथि अध्यापकों ने सरकार पर जानबूझकर नियति कारण के मामले को लंबा खींचने का आरोप लगाया गया है। कार्यक्रम के दौरान पूर्व कर्मचारी नेता सत्यपाल सिवाच, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव कृष्ण नैन, राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के राज्य प्रधान दिनेश यादव, महिला विंग राज्य प्रधान पूनम कुमारी, राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह, राज्य कोषाध्यक्ष अशोक शास्त्री, राज्य वरिष्ठ उप प्रधान मुकेश रानी ने कहा कि अदालतों के निर्देशों के बाद भी नियमितीकरण पर ठोस कदम नहीं उठने से अध्यापक बार-बार न्यायिक प्रक्रियाओं में उलझ रहे हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि आरक्षण, मेरिट और पात्रता परीक्षा जैसी शतों का हवाला देकर मामले को लंबा खींचने की कोशिश हो रही है, जबकि संबंधित विभागों में सहमति बनने की बात भी सामने आई है।
अतिथि अध्यापक नियमितीकरण को लेकर करेंगे मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव
हरियाणा प्रदेश में सरकार से नाराज चल रहे अतिथि अध्यापक नियति कारण को लेकर प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव करने की योजना बना रहे हैं। अतिथि अध्यापकों ने विरोध स्वरूप दशहरे पर 10 साल की पॉलिसी का दहन करने की योजना बनाई है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़ तक न्याय यात्रा को समर्थन किया, मंत्रियों व विधायकों के आवास या कार्यालय पर ज्ञापन और विभिन्न चरणों में रैलियां तथा प्रदर्शन करने की योजना भी बनाई गई है।


