जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नवरात्र के पावन अवसर पर महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का शुभारंभ किया। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं को भयमुक्त वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उनके सम्मान और आत्मविश्वास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स के लिए मासिक यात्रा भत्ते की घोषणा की। यह भत्ता थाने और पुलिस चौकी में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों के समान होगा। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे संवेदनशीलता और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। इन यूनिट्स का मुख्य उद्देश्य न केवल अपराधों पर कार्रवाई करना है, बल्कि असामाजिक तत्वों में कानून का डर पैदा करना और महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास जगाना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 की तुलना में महिला अत्याचार के मामलों में 48 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। साथ ही, मामलों के अनुसंधान का औसत समय भी घटकर 48 दिन रह गया है। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स ने अब तक 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की है और लाखों महिलाओं को साइबर सुरक्षा एवं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान किया है।
राज्य सरकार की ओर से महिला सुरक्षा के लिए अन्य कई कदम भी उठाए गए हैं। प्रदेश भर में 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय हैं और महिला हेल्पलाइन 1090 के माध्यम से हजारों शिकायतों का निस्तारण किया गया है। इसके अलावा, अभय कमांड सेंटर के जरिए 12,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो सार्वजनिक स्थानों की निगरानी में मदद कर रहे हैं।
सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2 लाख 60 हजार से अधिक सदस्यों को सुरक्षा तंत्र से जोड़ा गया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे थानों में नियमित बैठकें आयोजित करें ताकि आमजन और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ सके। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नई यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, महापौर सुनील कोठारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।


