SBI Life Plan : बचत से सेविंग्स प्लान लेने वाले लोगों को डर रहता है कि उनकी पॉलिसी शेयर बाजार के हिसाब से तो नहीं है और शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में उनकी राशि डूब नहीं जाए। लेकिन निवेशकों के इस डर से दूर एसबीआई लाइफ ने शानदार प्लान दिया है। यह प्लान जहां फिक्स रिटर्न देगा, वहीं लाइफ कवर भी करेगा।
एसबीआई लाइफ की तरफ से स्मार्ट प्लैटिनम प्लस एक नॉन-लिंक्ड सेविंग्स प्लान दे रहा है। इस प्लान में न तो शेयर मार्केट में उतार चढ़ाव से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन यह प्लान आपको मंथली गारंटीड रिटर्न और लाइफ कवर देता रहेगा। सुरक्षित और तयशुदा इनकम के जरिए अपने लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल निवेश करने वालों के लिए यह बेहतर विकल्प है।
एसबीआई लाइफ के अनुसार यह इस पॉलिसी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके रिटर्न पूरी तरह फिक्स और कॉन्ट्रैक्टुअल होते हैं, यानी शेयर बाजार की चाल का इस पर कोई असर नहीं पड़ता है।
स्मार्ट प्लैटिनम प्लस एक नॉन-लिंक्ड सेविंग्स प्लान के नियम
एसबीआई लाइफ के अनुसार यह यह एक नॉन-लिंक्ड और नॉन-पार लाइफ इंश्योरेंस सेविंग्स प्लान है। इसमें दो मुख्य विकल्प मिलते हैं। इसका पहला प्लान के अनुसार गारंटीड इनकम ऑप्शन यानी रेगुलर फिक्स इनकम के लिए है।
जबकि दूसरा लाइफ इनकम ऑप्शन यानी पेआउट पीरियड के दौरान रेगुलर गारंटीड इनकम प्लान है। पॉलिसीधारक निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार 6, 7, 8 या 10 साल के लिए प्रीमियम का भुगतान चुन सकते हैं।हालांकि इसमें न्यूनतम सालाना प्रीमियम निर्धारित किया गय है।
योजना का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम सालाना प्रीमियम 50,000 रुपये देना होगा। प्लान के तहत न्यूनतम बीमा राशि 5,50,000 रुपये है। निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से इनकम का भुगतान सालाना, छमाही, तिमाही या मासिक आधार पर ले सकते हैं।
स्मार्ट प्लैटिनम प्लस एक नॉन-लिंक्ड सेविंग्स प्लान की मैच्योरिटी और डेथ बेनिफिट्स
एसबीआई लाइफ के अधिकारियों के अनुसार पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर निवेशक को कुल चुकाए गए प्रीमियम का 110 प्रतिशत हिस्सा रिफंड कर दिया जाता है। अगर पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को एकमुश्त डेथ बेनिफिट मिलता है। इसके अलावा, गारंटीड इनकम विकल्प के तहत कमेंसमेंट के बाद भी पेआउट मिलने का प्रावधान जारी रह सकता है।
पॉलिसी पर लोन सुविधा दी जा रही
एसबीआई लाइफ की स्मार्ट प्लैटिनम प्लस एक नॉन-लिंक्ड सेविंग्स प्लान पर वित्तीय आपातकाल के समय पॉलिसीधारक सरेंडर वैल्यू जो कम से कम 2 साल के पूरे प्रीमियम भुगतान के बाद मिलती है उसके 50 प्रतिशत तक का लोन ले सकते हैं। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इसमें एसबीआई लाइफ एक्सीडेंटल बेनिफिट राइडर (एक्सीडेंटल डेथ / आंशिक विकलांगता) और एसबीआई लाइफ वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं।