भूलकर भी की यह गलती तो लगेगा 50 हजार का जुर्माना, आयकर विभाग के दायरे में आए राजस्थान के सवा करोड़ खाता धारक
प्रदेश के 29 सहकारी बैंकों में पहली बार नए इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधानों के तहत ये खाताधारक पहली बार सीधे इनकम टैक्स के दायरे में आ गए हैं। अब इन बैंक ग्राहकों के खातों में बड़े वित्तीय लेनदेन और खातों की डिटेल आयकर विभाग को भेजी जाएगी।
Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश में इनकम टैक्स विभाग सहकारी बैंकों के खाता धारकों पर कड़ी नजर रखने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि राज्य में 29 सहकारी बैंकों में तकरीबन सवा करोड़ खाताधारक जुड़े हुए हैं। प्रदेश के 29 सहकारी बैंकों में पहली बार नए इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधानों के तहत ये खाताधारक पहली बार सीधे इनकम टैक्स के दायरे में आ गए हैं। अब इन बैंक ग्राहकों के खातों में बड़े वित्तीय लेनदेन और खातों की डिटेल आयकर विभाग को भेजी जाएगी। इन खाता आधार अकाउंट का विवरण देने के दौरान अगर भूलकर भी किसी प्रकार की त्रुटियां गलती की जाती है तो 50,000 रुपए तक का जमाने का प्रावधान रखा गया है। इनकम टैक्स विभाग द्वारा नई धाराओं के तहत प्रदेश में सहकारी बैंकों के खाता धारकों की डिटेल मांगी गई है।
31 अक्टूबर तक इनकम टैक्स को उपलब्ध कराना होगा सहकारी बैंकों के खाता धारकों का विवरण
इनकम टैक्स विभाग की ओर से राजस्थान प्रदेश के सहकारी बैंकों के खाता धारकों का विवरण उपलब्ध कराने की डेडलाइन 31 अक्टूबर रखी गई है। राजस्थान प्रदेश में आयकर विभाग (income tax) में पहली बार नई धाराओं (फॉर्म 97, 98 और 165-ए) के तहत सहकारी बैंकों के खाता धारकों का डेटा मांगा गया है। बैंकों को यह डेटा 31 अक्टूबर तक उपलब्ध कराने की डेडलाइन रखी गई है। आयकर विभाग की नई धाराओं के तहत प्रदेश में पहली बार गैर पैन धारक खाताधारकों की सूची भी तैयार होने जा रही है। बता दें कि इससे पहले सहकारी बैंक इनकम टैक्स की धारा फॉर्म 61ए के तहत विवरण देते रहे हैं।
बड़ी एफडी और 50 लाख के खाते तक आयकर विभाग रखेगा नजर
राजस्थान प्रदेश में सहकारी बैंकों से जुड़े सवा करोड़ खाताधारकों पर आयकर विभाग अप कड़ी नजर रखने की तैयारी कर रहा है। इनकम टैक्स की नई धाराओं के तहत प्रदेश में अब सहकारी बैंकों के खाताधारकों द्वारा की जाने वाली 10 लाख रुपए की एफडी (Fixed deposit) और 50 लाख तक के खातों पर इनकम टैक्स की सीधी नजर रहेगी। इनकम टैक्स द्वारा सहकारी बैंकों में 1 साल की अवधि में 10 लाख या इससे अधिक की एफडी (FD) वाले खातों, सेविंग, ज्वाइंट और ओडी अकाउंट में 10 लाख या इससे अधिक राशि जमा या लेनदेन और करंट अकाउंट में 50 लाख तक के लेनदेन वाले खातों की जानकारी मांगी गई है।
इस प्रकार रहेगा जुर्माने का प्रावधान
आयकर विभाग द्वारा बैंकों के लिए सहकारी बैंकों के सवा करोड़ खाताधारकों का विवरण इनकम टैक्स को देने हेतु 31 अक्टूबर की डेडलाइन रखी गई है। इनकम टैक्स विभाग द्वारा रखी गई समयावधि के दौरान बैंकों द्वारा विवरण उपलब्ध करने के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही या विवरण में गलती पाए जाने पर जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। इस प्रक्रिया के तहत खाताधारकों के विवरण में किसी प्रकार की गलती या त्रुटि पाई जाने पर 50 हजार रुपए और विवरण देने में देरी करने पर 500 रुपए जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान रखा गया है।
अनिल चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत (हरिभूमि हिंदी समाचार पत्र) से प्रिंट मीडिया में की, जहां खबरों की बुनियादी समझ और लेखन की गंभीरता सीखी। इसके बाद उन्होंने अमर उजाला (हिंदी समाचार पत्र) में 7 वर्षों तक कार्य किया। अनिल कुमार की बिजनेस, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं और रेलवे से संबंधित खबरों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान में अनिल कुमार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।