Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

जयपुर के हाड़ौता में बाल मेले का आयोजन, खेल-खेल में बच्चों ने सीखीं नई बातें

गोविंदगढ़ के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में ECCE बाल मेले का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों ने खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

बाल मेले में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते बच्चे और अभिभावक
बाल मेले में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते बच्चे और अभिभावक

हाड़ौता, जयपुर। जयपुर जिले के गोविंदगढ़ स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, सेरावतो की ढाणी हाड़ौता में शैक्षिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत एक विशेष ECCE बाल मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करना और उनकी रचनात्मकता को नई दिशा देना था। मेले में बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे विद्यालय का वातावरण उत्साह से भर गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पीईईओ अमृता जोशी, संस्था प्रधान सीता बेरवाल, एसडीएमसी अध्यक्ष पुष्कर सेरावत और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। बाल वाटिका के नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने कविता, कहानी और नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अध्यापकों ने अभिभावकों को मेले की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन कराया और उन्हें बच्चों के सीखने के नए तरीकों से परिचित कराया।

मेले के दौरान आयोजित म्यूजिक चेयर खेल में अभिभावकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। विजेताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पीईईओ अमृता जोशी ने बताया कि खेल आधारित गतिविधियों से बच्चों में भाषा विकास, बौद्धिक क्षमता और सामाजिक व्यवहार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को आपसी सहयोग और रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

संस्था प्रधान सीता बेरवाल ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 3 से 6 वर्ष के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बाल मेले जैसी गतिविधियां शिक्षा को सरल और रोचक बनाती हैं, जिससे बच्चों में सीखने की जिज्ञासा बनी रहती है। जब अभिभावक विद्यालय की गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो बच्चों को घर और स्कूल दोनों जगह बेहतर सहयोग मिलता है।

बाल मेला प्रभारी राजेश तिवाड़ी ने बताया कि यह आयोजन राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के निर्देशों के तहत किया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षा को गतिविधि आधारित और बाल केंद्रित बनाना है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें यह समझने का मौका मिला कि छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए व्यावहारिक अनुभव कितने महत्वपूर्ण हैं। यह आयोजन विद्यालय और अभिभावकों के बीच विश्वास और समन्वय को मजबूत करने में सफल रहा।

आगे पढ़ें

ताज़ा खबरें, एक के बाद एक

स्क्रॉल करते रहें, अगली खबर अपने आप खुलेगी।

हरियाणा के बस यात्रियों का माता वैष्णो देवी का सफर हुआ आसान, रेवाड़ी से कटरा के बीच शुरू हुई सीधी बस सेवा