Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश में लोगों द्वारा लगाए जाने वाले वाहनों पर काली फिल्म और रंगीन चीजों वाली गाड़ियों पर एक बार फिर शक्ति से कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रदेश में वाहनों पर काली फिल्म रंगीन शीशों पर पाबंदी के संबंध में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया है। इस मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव, परिवहन विभाग के सचिव, परिवहन आयुक्त व डीजीपी को पक्षकार बनाया है। राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस महेन्द्र गोयल व जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह निर्देश एक डेथ रेफरेंस पर सुनवाई के दौरान लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में दिया।
मामले की सुनवाई हेतु बेंच बनाने के आदेश हुए जारी
राजस्थान प्रदेश में अदालत ने हाईकोर्ट प्रशासन को कहा कि वह इस मामले को सीजे के समक्ष रखकर इसकी सुनवाई के लिए एक बेंच बनाकर इसे सूचीबद्ध करने के निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने इस मामले को जनहित से जुड़ा बताया। वहीं अदालत के समक्ष बार एसोसिएशन के सदस्यों ने वाहनों पर काली फिल्म लगाने पर चिंता जताई है। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए चार पहिया वाहन काले शीशों अथवा रंगीन शीशों के साथ चलाए जा रहे हैं।


