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5 बार UPSC में मिली हार, IPS पति से शादी के बाद भी नहीं छोड़ी जिद, 6ठें अटेंप्ट में रुपाली ने कर दिखाया कमाल

5 बार UPSC में मिली हार, IPS पति से शादी के बाद भी नहीं छोड़ी जिद, 6ठें अटेंप्ट में रुपाली ने कर दिखाया कमाल

Rupali Surana Success Story: यूपीएससी की परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल बड़े पैमाने पर बच्चे इस कठिन परीक्षा को देते हैं लेकिन इसमें सफलता बेहद कम बच्चों को मिलती है। आज हम आपको एक ऐसी ही लड़की की कहानी बताएंगे जिसे यूपीएससी की परीक्षा में 5 बार फैलियर का सामना करना पड़ा लेकिन इसने कभी भी हार नहीं मानी। हम बात कर रहे हैं रूपाली सुराना की जिसकी संघर्ष की कहानी छात्रों के लिए एक मिसाल बन गई है।

रुपाली को पांच बार यूपीएससी की परीक्षा में फैलियर का सामना करना पड़ा लेकिन रूपाली ने कभी हार नहीं मानी। आईपीएस से शादी होने के बाद भी उन्होंने आगे पढ़ने का सिलसिला जारी रखा और उनके आईपीएस पत्नी ने भी हर जगह उनका साथ दिया। छठे प्रयास में रूपाली को कामयाबी मिली और वह एक आईआरएस ऑफीसर बन गई। तो आईए जानते हैं रूपाली की कहानी।

राजस्थान की रहने वाली है रुपाली

रूपाली राजस्थान के ब्यावर जिले के छोटे से गांव की रहने वाली है। बचपन से ही रूपाली सिविल सर्विसेज में जाना चाहती थी और उनके पिता भी उनका हर जगह साथ देते थे। उन्होंने दिल्ली के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।

2018 में रूपाली ने पहली बार परीक्षा दी लेकिन उन्होंने सफलता प्राप्त नहीं की। उसके बाद रूपाली को दूसरे प्रयास में भी सफलता नहीं मिली और 2020 में तीसरे प्रयास में यूपीएससी के सिलेबस में बदलाव हो गया जिसके बाद उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और उनके ऊपर पारिवारिक दबाव भी बढ़ गया था। लेकिन रूपाली ने अपने सपने का पीछा नहीं छोड़ा।

आईपीएस पति ने बदला जीवन

रूपाली की शादी आईपीएस अधिकारी से हुई और पति के सहयोग ने उनके जीवन को एक नया मोड़ दिया। रूपाली के पति खुद रूपाली के पढ़ाई में उनके साथ देते थे और हर टॉपिक में उन्हें समझाते थे। उनके पति उन्हें हर समय मोटिवेट करते थे पति के इस भावनात्मक समर्थन के कारण रूपाली को आखिरी प्रयास में सफलता मिली।

साल 2023 में रूपाली को ऑल इंडिया में 386 वी रैंक मिली। पति के समर्थन के वजह से रूपाली ने इस कठिन परीक्षा को पास कर दिखाया। रूपाली की कहानी हमें बताती है कि जो लोग कभी हार नहीं मानते हैं उन्हें एक दिन जरुर सफलता मिलती है।