Haryana News: हरियाणा प्रदेश के जींद जिले में पिता के बलिदान के चलते उसके बेटे ने दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पूरे प्रदेश में नाम रोशन कर दिया। जी हां.... जींद जिले के छोटे से गांव बुडायन में जन्मे रजत की बात कर रहे हैं। रजत ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन के परीक्षा हाल ही में हुए जारी परीक्षा परिणाम में संपूर्ण प्रदेश में 15वां रैंक हासिल कर अपने पिता का सपना पूरा कर दिया। रजत की सफलता के पीछे इनके पिता का भी अहम योगदान है। रजत के पिता शक्ति सिंह बच्चों की पढ़ाई के लिए 2006 में अपना पुशतैनी गांव छोड़ कर से जींद शहर आ गए थे। रजत के पिता शक्ति सिंह ने एक छोटे से किसान होने के बावजूद अपने बच्चों को शहर में अच्छी शिक्षा और संस्कारों के माहौल में बड़ा किया। यही कारण है कि आज उनके बेटे रजत कंदौला ने एचपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल अपने गांव और पिता का नाम पूरे प्रदेश में रोशन कर दिया।
रजत की सफलता के पीछे छिपी है परिवार के संघर्षों की कहानी
जींद जिले के छोटे से गांव बुडायन के बेटे रजत कंदौला ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की परीक्षा में 15वां रैंक हासिल करते हुए अधिकारी बनकर प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। रजत कंदौला की इस उपलब्धि के पीछे उनके पिता शक्तिसिंह और परिवार का संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण भी जुड़ा हुआ है। रजत के पिता शक्ति सिंह एक किसान और मां कुसुम गृहिणी हैं। एक किसान होने के बावजूद 2006 में अपने खेत परिवार और पुश्तैनी गांव को छोड़कर इनके पिता बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने हेतु गांव से जींद शहर में आ गए थे। पिता के बलिदान और रजत की कड़ी मेहनत के परिणाम स्वरूप आज बुडायन गांव के बेटे ने यह सफलता हासिल की है। परिवार ने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम आज रजत की उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
यूपीएससी और एचपीएससी के इंटरव्यू में पहलेभी हो चुके हैं शामिल
रजत तीन भाई बहनों में बीच का है। उनकी बड़ी बहन प्रिया दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में सीनियर फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं। वहीं छोटी बहन रिया राजस्थान के वनस्थली से पीएचडी कर रही हैं। रजत ने फरीदाबाद से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में इंदिरा गांधी इग्नू से राजनीति विज्ञान में एमए की पढ़ाई पुरी की। पढ़ाई पूरी होने के बाद इसी वर्ष मई में रजत का कॉलेज कैडर में सहायक प्रोफेसर के पद पर चयन हुआ था। रजत इससे पहले यूपीएससी और एचपीएससी के इंटरव्यू में भी शामिल हो चुके हैं। इंटरव्यू में सफलता नहीं मिलने से रजत ने निराश होने की बजाय और अधिक लगन से मेहनत की। रजत ने अपनी मेहनत के परिणाम स्वरुप आज पूरे प्रदेश में एचपीएससी की परीक्षा में 15वां स्थान हासिल कर पूरे प्रदेश में जींद जिले और अपने परिवार का नाम रोशन कर दिया।


