भाड़ोती, सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर जिले के भाड़ोती क्षेत्र में रबी की बुवाई के दौरान खाद की किल्लत और कालाबाजारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक पीड़ित किसान ने कृषि विस्तार के संयुक्त निदेशक लखपत मीणा को लिखित शिकायत सौंपकर स्थानीय खाद विक्रेता पर शोषण का आरोप लगाया है। किसान का कहना है कि बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में उसे खाद के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत के अनुसार, दुकान पर जाने वाले किसानों को दिन के समय यह कहकर लौटा दिया जाता है कि खाद का स्टॉक खत्म हो गया है। तपती धूप में घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि जो खाद दिन में उपलब्ध नहीं होने का दावा किया जाता है, उसी खाद को रात के अंधेरे में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उसे रात के समय खाद का एक कट्टा ₹1,500 में खरीदने के लिए मजबूर किया गया, जो कि सरकारी निर्धारित कीमतों से काफी अधिक है। वर्तमान में सरसों और अन्य रबी फसलों की बुवाई के कारण डीएपी और यूरिया की मांग चरम पर है। समय पर बुवाई न हो पाने के डर से किसान अपनी मजबूरी का फायदा उठाने वाले विक्रेताओं के चंगुल में फंस रहे हैं।
संयुक्त निदेशक लखपत मीणा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि निरीक्षकों को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, यदि जांच में विक्रेता द्वारा स्टॉक छिपाने और अधिक दाम वसूलने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। साथ ही, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
कृषि विभाग ने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी अपील की है कि यदि कोई दुकानदार तय कीमत से अधिक पैसे मांगे, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें। किसान अपनी शिकायत राजस्थान संपर्क पोर्टल या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके।

