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Success Story: जयपुर शहर में आटा चक्की से शुरुआत कर राजस्थान के बड़े उद्योगपतियों में हो गए शुमार, प्रेरणा देती है नवीन चोपड़ा की कहानी

नरेश चोपड़ा का जन्म पंजाब के छोटे से गांव जंडियाला गुरु में हुआ था। 80 के दशक में जब पंजाब प्रदेश आतंकवाद की कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था तब मात्र 26 वर्ष की आयु में नरेश कुमार चोपड़ा ने राजस्थान के जयपुर में बिजनेस शुरू करने का फैसला ले लिया था।

Success Story
नरेश चोपड़ा की चार दशक की मेहनत और दूरदर्शिता ने उन्हें एक छोटे उद्यमी से राजस्थान के प्रमुख उद्योगपति के रूप में स्थापित किया है।

Success Story Naresh Chopra: 4 दशक पहले जब नवीन चोपड़ा ने एक छोटी सी आटा चक्की से अपने बिजनेस की शुरुआत की थी तब किसी ने नहीं सोचा था कि वह आगे चलकर राजस्थान प्रदेश के बड़े उद्योगपति कहलाएंगे। जयपुर शहर में लगभग चार दशक पहले 1986 में अपने बिजनेस की शुरुआत करने वाले नरेश चोपड़ा की प्रोडक्ट्स आज राजस्थान ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी खूब डिमांड हो रही है। किसी ने सच ही कहा है कि हर बड़ी सफलता के पीछे एक बड़ा निर्णय छिपा होता है। नरेश चोपड़ा ने भी 1986 में जयपुर शहर से राधास्वामी फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. की शुरुआत ऐसे ही एक साहसिक फैसले के साथ की थी।

80 के दशक में इस वर्ष की उम्र में पंजाब से जयपुर पहुंचकर शुरू किया कारोबार

नरेश चोपड़ा का जन्म पंजाब के छोटे से गांव जंडियाला गुरु में हुआ था। 80 के दशक में जब पंजाब प्रदेश आतंकवाद की कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था तब मात्र 26 वर्ष की आयु में नरेश कुमार चोपड़ा ने राजस्थान के जयपुर में बिजनेस शुरू करने का फैसला ले लिया था। उनके एक फैसले से वर्षों पुराना पारिवारिक व्यापार, मित्र, खेत-खलिहान सब पीछे छूट गए। लेकिन कुछ अलग करने की चाह में मेहनत और जज्बे के साथ खुद पर अटूट विश्वास करते हुए जयपुर पहुंचने के बाद उन्होंने एक नई शुरुआत की। उन्होंने 80 के दशक में पैकेज्ड आटा बाजार में बाजार में बेचने के लिए आटा चक्की से शुरुआत की। हालांकि उस दौर में अधिकांश लोग अपने नजदीक की चक्की पर गेहूं पिसवाकर तैयार आटा लाना और खाना पसंद करते थे। ऐसे माहौल में ब्रांडेड पैकेज्ड आटा बेचना आसान नहीं था। लेकिन नरेश चोपड़ा ने एक बात समझ ली थी कि यदि गुणवत्ता से समझौता न किया जाए, तो ग्राहक देर-सबेर भरोसा अवश्य करेगा। यही सोच आगे चलकर उनके ब्रांड 'लक्ष्मी भोग' की सबसे बड़ी ताकत बनी।

शुरुआती दौर में नरेश चोपड़ा को करना पड़ा था कई चुनौतियों का सामना

80 के दशक में अगर कोई पैकिंग में आटा बेचने की बात करता था तो लोग उसका मजाक उड़ाते थे। लेकिन नरेश चोपड़ा कहां किसी की सुनने वाले थे। हालांकि, शुरुआती दौर में बाजार को समझना, ग्राहकों का विश्वास जीतना और अपने उत्पाद की अलग पहचान बनाना उनके सामने बड़ी चुनौतियां थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने छोटे स्तर से शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने उत्पाद की पहुंच बढ़ाई। हर दिन की मेहनत के साथ उन्होंने गुणवत्ता, स्वच्छता और स्वाद को अपनी प्राथमिकता बनाते हुए अपने ब्रांड को पूरे प्रदेश में फैला दिया।

जयपुर से पूरे राजस्थान तक बनाई मजबूत पहचान

नरेश चोपड़ा आज राजस्थान प्रदेश के जानेमन उद्योगपतियों में से एक नाम हैं। नरेश चोपड़ा का ब्रांड लक्ष्मी भोग आटा, बेसन, सूजी, दलिया, और मेदा आज राजस्थान प्रदेश के हर घर में देखने को मिल जाएगा। किसी भी ब्रांड की वास्तविक ताकत उसकी ग्राहकों तक पहुंच और बाजार में उसकी स्वीकार्यता से तय होती है। नरेश चोपड़ा ने जमीन से उठकर अपनी मेहनत और जज्बे के बल पर समय के साथ अपने वितरण नेटवर्क को लगातार मजबूत और व्यापक बनाया। आज केवल जयपुर शहर में ही उनके ब्रांड के प्रोडक्ट लगभग 7,000 किराना दुकानों के साथ-साथ मॉडर्न ट्रेड के लगभग सभी प्रमुख स्टोरों तथा ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों के जरिए ग्राहक खरीद रहे हैं। जयपुर से शुरू हुआ यह सफर अब राजस्थान के लगभग सभी जिलों के विभिन्न शहरों और कस्बों तक अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।