NTA News: नीट यूजी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के बाद चर्चा में देश की राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA में व्यापक स्तर पर सुधार के लिए सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति इस मामले में कार्रवाई कर रही थी। ऐसे में समिति ने पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से परीक्षा के लिए सिफारिश की हैं। इसके तहत मुख्य सिफारिश यह है कि परीक्षा पेन-पेपर की बजाय कंप्यूटर पर हो। साथ ही सिमित ने यह भी सुझाव दिया है कि उम्मीदवारों के लिए परीक्षा के अटेंप्ट और आयु सीमा भी निर्धारित हो।
संसदीय समिति के अनुसार नीट यूजी, जेईई मेन, यूजीसी नेट और सीयूईटी जैसी परीक्षा लेने वाली NTA को लेकर महत्वपूर्ण सुधारों के लिए सिफारिश दी हैं। साथ ही इससे एजेंसी साख के साथ विश्वास बहाली के लिए भी जोर दिया है।
संसदीय समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि नीट यूजी जैसी परीक्षा में पेन और पेपर को बदला जाए। इसको कंप्यूटर आधारित बनाया जाए। इसके लिए बुनियादी डिजिटल सुविधाएं भी बेहतर हों। खासकर टियर-2, टियर-3 के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
1000 सुरक्षित सरकारी सेंटर बनाए जाएं
एनटीए में किए जाने वाले सुधारों के बारे में समिति उस सिफारिश काे भी समर्थन दिया, जिसमें 1,000 सुरक्षित सरकारी CBT यानी कंप्यूटर परीक्षा केंद्र स्थापित करने की बात कही गई है। साथ ही कहा गया है कि कम से कम हर जिला में 1 परीक्षा केंद्र जरूर हो। इसके अलावा बायोमेट्रिक सत्यापन, मोबाइल जैमर और एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी को बढ़ाने की बात कही गई है।
पेपर लीक रोकने के लिए हों उपाय
समिति ने पेपर लीक रोकने के लिए खास उपाय करने की बात कही है। इसके तहत क्वेश्चन बैंक बनाने के साथ-साथ यह भी कहा है कि प्रश्न पत्र परीक्षा तिथि के पास ही तैयार हो। इसके साथ ही जो एजेंसियां पहले ब्लैकलिस्ट हों उनको काम नहीं मिले। इसके लिए ब्लैकलिस्टेड परीक्षा विक्रेताओं का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाया जाए।


