देशभर में एनएचएआई द्वारा बनाए गए प्लाजा अब टोल वसूली के नहीं, बल्कि वाहन चालकों के लिए सुविधा केंद्र बनने वाले है। जहां पर टोल वसूली के साथ वाहन चालकों को गाड़ियों को चार्जिंग की सुविधा के साथ पूरी निगरानी की जाएगी। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) अब टोल प्लाजा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की तैयारी कर रहा है।
इसके तहत टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रावधान किया गया है। इससे हाईवे पर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ई-वाहन चालकों को चार्जिंग सुविधा मिल सकेगी। टोल प्लाजा अब केवल शुल्क वसूली के केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक परिवहन सुविधाओं से भी लैस होंगे।
कैमरों से रहेगी नजर
एनएचएआइ ने टोल प्लाजा की पार्किंग व्यवस्था के उन्नयन, रखरखाव और निगरानी को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पार्किंग क्षेत्रों और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिसके माध्यम से अधिकारी टोल प्लाजा पर उपलब्ध सुविधाओं, रखरखाव, शिकायतों और एजेंसियों के कामकाज की निगरानी कर सकेंगे।
निरीक्षण में लापरवाही पर लगेगी पेनल्टी
नई व्यवस्था में सुविधाओं के नियमित रखरखाव और गुणवत्ता पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए दैनिक पर्यवेक्षण, साप्ताहिक तकनीकी निरीक्षण, मासिक संयुक्त समीक्षा और त्रैमासिक ऑडिट होगा। इसके अलावा वार्षिक तृतीय-पक्ष आकलन भी
कराया जाएगा। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाली एजेंसियों पर पेनल्टी लगाने का प्रावधान किया गया है। इससे टोल प्लाजा पर सुविधाओं की गुणक्ता और एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास होगा।
देश के टोल का ऐसे बदलेगा स्वरूप
ई-वाहनों की तैयारीः भविष्य में चार्जिंग इंफ्रा विकसित करने का प्रावधान।
कैमरों की निगरानीः पार्किग और आवागमन वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी व्यवस्था।
एक क्लिक पर जानकारीः सेंट्रल डिजिटल डैशबोर्ड से सुविधाओं और एजेंसियों की निगरानी।
यात्रियों की भागीदारीः क्यूआर कोड और टचस्क्रीन से फीडबैक की व्यवस्था।
नियमित ऑडिट: सालाना थर्ड पार्टी से व्यवस्थाओं का आकलन।


