रेलवे विभाग ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए एक कदम उठाया है। रेलवे विभाग द्वारा शुरू की गई नई व्यवस्था बुजुर्ग व दिव्यांग लोगों के लिए फायदा का सौदा होगी, क्योंकि अब बुजुर्ग व दिव्यांग को कुली या व्हीलचेयर के लिए परेशानी नहीं होगी, बल्कि रेल विभाग द्वारा ऐप की सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से जब उनकी ट्रेन निर्धारित स्टेशन पर पहुंचेगी तो उनकी व्हीलचेयर या कुली उनके पास खुद ही पहुंच जाएगा। इसके लिए मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने और संचालित करने का कार्य 'माय साथी' को आवंटित किया है।
अजमेर के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव के अनुसार कुली एवं व्हीलचेयर सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग के लिए मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट का यह अनुबंध 16 नवम्बर से तीन वर्ष की अवधि के लिए किया हैं। माय साथी की ओर से मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट का विकास, क्लाउड होस्टिंग, रखरखाव, ग्राहक सहायता तथा संपूर्ण परिचालन प्रबंधन किया जाएगा।
इस मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट के विकसित होने से रेल यात्री अपने स्मार्टफोन अथवा इंटरनेट के माध्यम से आसानी से यात्री सहायक एवं व्हीलचेयर सेवा बुक कर सकेंगे। मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा ने बताया कि इससे समय की बचत होगी तथा स्टेशन पर सेवाओं का लाभ प्राप्त करना अधिक आसान होगा। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन, बीमार यात्रियों, महिला यात्रियों तथा भारी सामान के साथ यात्रा करने वालों को इससे काफी सुविधा मिलेगी।
लाखों यात्रियों को मिलेगा इस सुविधा का फायदा
रेलवे विभाग द्वारा देशभर के बड़े रेलवे स्टेशनों पर यह सुविधा जल्द ही शुरू कर रहा है। इससे हर माह ट्रेन के माध्यम से सफर करने वाले बुजुर्ग, दिव्यांग व बीमार लोगों को रेलवे की इस सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा और स्टेशन पर पहुंचने पर उनको परेशानी नहीं होगी।


