Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

इंदिरा मैदान में बारूद का बाजार और सुरक्षा की अनदेखी, हादसे के साये में खरीदारी

सवाई माधोपुर के इंदिरा मैदान में सजे पटाखा बाजार में सुरक्षा इंतजामों की कमी से स्थानीय लोग चिंतित, प्रशासन से तत्काल निरीक्षण की मांग।

सवाई माधोपुर। दीपावली के उपलक्ष्य में सवाई माधोपुर के बजरिया स्थित इंदिरा मैदान में पांच दिवसीय पटाखा बाजार सज चुका है। त्योहार की खरीदारी के लिए यहां सुबह से ही लोगों का तांता लगा हुआ है, लेकिन इस बार बाजार की सुरक्षा व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है। बारूद से भरी दुकानों के बीच आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नदारद हैं, जिससे यहां आने वाले ग्राहकों और स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा मानकों की इस अनदेखी ने एक संभावित बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे दिया है।

मौके पर मौजूद स्थिति के अनुसार, अधिकांश दुकानों पर आग बुझाने के लिए अनिवार्य अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) तक उपलब्ध नहीं हैं। आपातकालीन स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए रेत और पानी से भरी बाल्टियों की व्यवस्था भी कहीं नजर नहीं आ रही है। आतिशबाजी के इस बाजार में एक छोटी सी चिंगारी भी विकराल रूप धारण कर सकती है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा के इन बुनियादी साधनों का अभाव प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

बाजार में रोजाना उमड़ रही भारी भीड़ के बीच सुरक्षा इंतजामों की कमी ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल त्योहार के समय सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी रहती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि बाजार में अचानक आगजनी की कोई घटना होती है, तो उससे निपटने के लिए मौके पर क्या तैयारी है? सुरक्षा के प्रति यह लापरवाही किसी भी समय भारी पड़ सकती है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद और अग्निशमन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि पटाखा दुकानों का औचक निरीक्षण किया जाए और सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित कराई जाए। प्रत्येक दुकान पर अग्निशमन उपकरण, रेत और पानी की उपलब्धता अनिवार्य की जानी चाहिए। इसके अलावा, इंदिरा मैदान के नजदीक दमकल वाहन की तैनाती की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।

त्योहार की खुशियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का स्पष्ट मानना है कि प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल प्रभाव से सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करना चाहिए। बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन का प्राथमिक कर्तव्य है।

आगे पढ़ें

ताज़ा खबरें, एक के बाद एक

स्क्रॉल करते रहें, अगली खबर अपने आप खुलेगी।

हरियाणा सरकारी भर्तियों में बदलेगा नियम! पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने HSSC-HPSC को दिए बड़े निर्देश