जयपुर। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिम जिले ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चल रहे सट्टेबाजी के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 'म्यूल हंटर अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य डिजिटल माध्यमों से हो रही अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना है।
इस ऑपरेशन को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार गुप्ता के सुपरविजन में अंजाम दिया गया। इसमें आईपीएस अदिति उपाध्याय की साइबर सेल टीम, तकनीकी शाखा और करणी विहार थाना पुलिस की अहम भूमिका रही। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 19 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 20 सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों के पास से एक मास्टर आईडी भी मिली है, जिसके जरिए वे पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटों के पैनल खरीदकर लोगों को सट्टा खिलवाते थे। पुलिस ने संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच करते हुए 50 से अधिक बैंक खातों और 35 से अधिक यूपीआई आईडी को ब्लॉक करवाया है। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में मौजूद लगभग 3,200 USDT को भी फ्रीज किया गया है, जिनकी बाजार कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपये है। पुलिस ने अब तक कुल पांच लाख रुपये की राशि फ्रीज की है।
गिरफ्तार किए गए सात आरोपी अजमेर और बालोतरा जिलों के निवासी हैं। पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैनल उपलब्ध कराने वालों की पहचान की जा सके। बरामद किए गए डिजिटल उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।
इस कार्रवाई में करणी विहार थानाधिकारी सत्यपाल यादव और उनकी टीम के साथ-साथ साइबर सेल के कांस्टेबल रोशन कुमार और हेड कांस्टेबल सुरेंद्र के प्रयासों की सराहना की गई है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आम जनता को भी सलाह दी गई है कि वे ऐसी संदिग्ध वेबसाइटों से दूर रहें जो आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती हैं।


